फ्रांस की सरकार ने निजी प्रौद्योगिकी क्षेत्र के साथ मिलकर सुरक्षा बढ़ाने की वैध जरूरत के मद्देनजर निगरानी और डाटा एकत्र करने वाले उन्नत तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया है। प्रायोगिक एआई वीडियो निगरानी के विवादास्पद इस्तेमाल समेत इसकी निगरानी योजनाएं इतनी व्यापक हैं कि उन्हें वैध बनाने के लिए कानून में बदलाव करना पड़ा है। खबरों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक अनंतिम आदेश जारी किया है, जो सरकार को खेलों के दौरान पारंपरिक, गुप्त निगरानी और सूचना एकत्र करने के साधनों को बढ़ाने की अनुमति देता है।
सुरक्षा जोखिम बढ़ने के साथ-साथ निगरानी बढ़ाने की जरूरत पड़ सकती है और बढ़ाई भी जाती है। हालांकि निवारक उपाय जोखिमों के अनुपात में ही होने चाहिए। दुनिया भर के आलोचकों का दावा है कि फ्रांस निगरानी पर पकड़ बढ़ाने के लिए ओलंपिक को बहाने की तरह इस्तेमाल कर रहा है और सरकार इस 'असाधारण' निगरानी का इस्तेमाल समाज पर राज्य की निगरानी बढ़ाने के लिए करेगी।
इसके साथ ही, सुरक्षा के लिए पर्याप्त एवं प्रभावी निगरानी को लेकर भी वाजिब चिंताएं हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिका में यह सवाल उठ रहा है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के प्रयास को रोकने में सीक्रेट सर्विस की सुरक्षा निगरानी क्यों चूक गई। नए विस्तृत निगरानी कानून के साथ फ्रांस एआई कंपनियों के साथ मिलकर व्यापक एआई वीडियो आधारित निगरानी लागू करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने महत्वपूर्ण संगीत समारोहों, खेल आयोजनों एवं मेट्रो व रेलवे स्टेशनों पर भीड़ के दौरान एआई तकनीक से निगरानी की है, जिनमें टेलर स्विफ्ट का कंसर्ट एवं कान फिल्म महोत्सव भी शामिल हैं। फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि एआई निगरानी के इन प्रयोगों में सफलता भविष्य में भी इनके उपयोग के लिए 'हरी झंडी' है।
एआई सॉफ्टवेयर को आम तौर पर भीड़ के आकार और गतिविधि में परिवर्तन, छोड़ी गई वस्तुओं, हथियारों की मौजूदगी या इस्तेमाल, जमीन पर शव, धुएं या लपटें और ट्रैफिक उल्लंघनों जैसी कुछ घटनाओं को चिह्नित करने के लिए तैयार किया गया है। इसका लक्ष्य निगरानी प्रणालियों के लिए रियल टाइम में गेट की ओर बढ़ती भीड़ या भीड़भाड़ वाली सड़क के कोने में किसी के द्वारा बैग छोड़ने जैसी घटनाओं का पता लगाना और सुरक्षा कर्मियों को सचेत करना है। इन घटनाओं को चिह्नित करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल तार्किक और समझदारी भरा लगता है। लेकिन वास्तविक गोपनीयता और कानूनी सवाल इस बात को लेकर उठ रहे हैं कि ये सिस्टम कैसे काम करते हैं और इनका कैसे इस्तेमाल होता है। इतने डाटा को एकत्र करने के बाद क्या किया जाएगा और इस तक किसकी पहुंच होगी? इन सवालों का जवाब देने के लिए पारदर्शिता का अभाव है।
लोगों की पहचान कर सकने वाले बायोमेट्रिक डाटा के इस्तेमाल को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों के बावजूद बहुत संभव है कि इसका दुरुपयोग किया जाए। निजी कंपनियों को फ्रांस में पहले से ही लगे हजारों वीडियो कैमरों तक पहुंच प्रदान करके, रेल कंपनियों और परिवहन ऑपरेटरों की निगरानी क्षमताओं का उपयोग और समन्वय करके, और कैमरों के साथ ड्रोन के उपयोग की अनुमति देकर, फ्रांस इन कंपनियों को अपने नागरिकों और आगंतुकों पर एआई सॉफ्टवेयर का परीक्षण एवं प्रशिक्षण देने की अनुमति व समर्थन दे रहा है। बीजिंग में 2022 के शीतकालीन ओलंपिक में सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी चिंताएं इतनी ज्यादा थीं कि एफबीआई ने 'सभी एथलीटों' से आग्रह किया कि वे अपने निजी सेलफोन घर पर ही छोड़ दें और चीन में केवल प्रीपेड फोन का इस्तेमाल करें, क्योंकि सरकारी निगरानी बहुत ज्यादा है।
हालांकि फ्रांस यूरोपीय संघ का सदस्य देश है। यूरोपीय संघ का सामान्य डाटा संरक्षण विनियमन दुनिया के सबसे मजबूत डाटा गोपनीयता कानूनों में से एक है, और यूरोपीय संघ का एआई अधिनियम एआई प्रौद्योगिकियों के हानिकारक इस्तेमाल को विनियमित कर रहा है। इसलिए फ्रांस को यूरोपीय संघ के कानून का पालन करना चाहिए।
ओलंपिक की तैयारी करते हुए फ्रांस ने वर्ष 2023 में कानून संख्या 2023-380 लागू किया, जिसमें विवादास्पद अनुच्छेद सात भी शामिल है, जो फ्रांसीसी कानून प्रवर्तन एजेंसियों और उसके तकनीकी ठेकेदारों को एआई वीडियो निगरानी के साथ प्रयोग की अनुमति देता है और अनुच्छेद दस विशेष रूप से वीडियो और कैमरा फीड की समीक्षा करने के लिए एआई सॉफ्टवेयर के उपयोग की अनुमति देता है।
विद्वानों, नागरिक समाज समूहों और नागरिक स्वतंत्रता पैरोकारों ने आरोप लगाया कि ये अनुच्छेद सामान्य डाटा संरक्षण विनियमन और एआई को विनियमित करने के यूरोपीय संघ के प्रयासों के विपरीत हैं। हालांकि फ्रांसीसी अधिकारियों और तकनीकी कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा है कि एआई सॉफ्टवेयर लोगों की पहचान किए बिना संदिग्ध घटनाओं की पहचान करने के अपने लक्ष्यों को पूरा कर सकता है। लेकिन आलोचकों का तर्क है कि बायोमेट्रिक डाटा को कैप्चर और प्रोसेस किया जा रहा है, और इस प्रकार फ्रांस का कानून जनरल डाटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन का उल्लंघन करता है।
फ्रांसीसी सरकार और एआई कंपनियों के लिए अब तक एआई निगरानी पारस्परिक रूप से लाभकारी रही है। लेकिन इन एआई-सक्षम निगरानी प्रणालियों का विनियमन बहुत खराब तरीके से होता है। एक बार बायोमीट्रिक डाटा एकत्र हो जाने के बाद गोपनीयता उल्लंघन की आशंका रहती ही है।
(कन्वर्सेशन से)