दो मई, 2011 को ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान के अबोटाबाद में अमेरिकी कमांडो द्वारा मारे जाने के बाद अल कायदा मृतप्राय हो गया था, लेकिन अब उसका बेटा हमजा बिन लादेन अपने पिता की विरासत को जिंदा रखने के लिए सक्रिय हो चुका है। चौंकाने वाली बात यह है कि हमजा बिन लादेन 2010 से ही पाकिस्तान में किसी गुप्त स्थान पर रह रहा है और वहीं से अपने पिता ओसामा बिन लादेन की मौत का बदला लेने के लिए मुस्लिम युवकों से आह्वान कर रहा है। 11 सितंबर, 2001 को न्यूयॉर्क और वाशिंगटन पर किए गए इतिहास के सबसे भीषण आतंकवादी हमले के लिए जिम्मेदार अल कायदा की अगुवाई मिस्र का 67 वर्षीय ऐमन अल जवाहिरी कर रहा है, लेकिन सच यह है कि वह अल कायदा को फिर से खड़ा करने में कामयाब नहीं हो सका। अब अल कायदा को ओसामा के बेटे हमजा बिन लादेन के रूप में एक नया सरगना मिलने जा रहा है।
हमजा के बारे में आतंकवाद के विशेषज्ञ कहते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय आतंक का दूसरा पर्याय बनने की क्षमता रखता है। उनका यह भी मानना है कि फिर से सक्रिय हो रहे अल कायदा के लिए पाकिस्तान काफी उर्वरक जमीन साबित होगा, क्योंकि वहां इन दिनों बीसियों आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं, जो युवकों को जेहादी बनने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। इसमें हाफिज सईद का जमात उद दावा और मसूद अजहर का जैश ए मोहम्मद सबसे अधिक जेहादी नए अल कायदा को मुहैया कराने की क्षमता रखते हैं। मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के लिए सुरक्षा परिषद के तीन स्थायी सदस्यों फ्रांस, अमेरिका और ब्रिटेन का इकट्ठा होकर प्रतिबंध लगाने वाले साझा प्रस्ताव पेश करना इसलिए भी काफी महत्व रखता है। इन देशों को इस बात की चिंता है कि यदि जैश ए मोहम्मद और जमात उद दावा को फलने-फूलने दिया गया, तो अमेरिका और यूरोपीय देशों को तबाह करने का लक्ष्य लेकर चलने वाला फिर से खड़ा अल कायदा नया सिरदर्द साबित हो सकता है। दरअसल आईएस के लगभग खत्म हो चुकने के बाद उसके खाली बैठे जेहादी भी अल कायदा में भर्ती होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
करीब 30 साल के हमजा का पता बताने वाले के लिए अमेरिका ने दस लाख डॉलर का इनाम घोषित किया है। ऐसे ही सऊदी अरब ने हमजा की सऊदी नागरिकता छीन ली है। माना जा रहा है कि आईएस के मारे गए सरगना अबू बकर अल बगदादी ने जो जगह छोड़ी है, उसे हमजा लादेन भर सकता है। वह नई पीढ़ी के जेहादी युवकों का हीरो बन सकता है। जबकि जवाहिरी दोबारा उभर रहे अल कायदा के लिए वैचारिक मार्गदर्शक बना रह सकता है। हमजा ओसामा बिन लादेन के लड़कों में अकेला है, जो पिता की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए दुनिया भर के जेहादियों को एकजुट करने के अभियान पर जुट गया है।
कहते हैं कि ओसामा ने जब अपने बेटों से पूछा था कि उनमें से कौन फिदायीन जेहादी बनने को तैयार है, तब हमजा ने ही हाथ उठाया था। हमजा के अन्य भाई जेद्दा और दोहा में रहते हैं और वे उससे दूरी बनाए हुए हैं। अल कायदा के प्रशिक्षण शिविरों में पले-बढ़े हमजा बिन लादेन को पाकिस्तान की धरती पर जिस तरह शरण मिली हुई है, वह अमेरिका के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए काफी चिंताजनक है। यदि विश्व समुदाय पाकिस्तान में छिपकर रहने वाले हमजा बिन लादेन को पकड़ने में कामयाब नहीं हुआ, तो आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय लड़ाई कमजोर होगी।