राजनेताओं की चरित्रहीनता के हम इतने आदि हो गए हैं कि उन चीजों को बर्दाश्त करते हैं, जो कभी बर्दाश्त नहीं करनी चाहिए। कर्नाटक और गोवा में पिछले कुछ दिनों से जो हो रहा है, वह राजनीति नहीं, सौदेबाजी है, लेकिन उसको हम राजनीति कहते हैं। कर्नाटक के कुछ विधायक मुंबई के एक पांच सितारा होटल में सिर्फ इसलिए कैद थे, क्योंकि उनके उन राजनेताओं के हाथों बिकने का डर था, जो रिश्वत देकर दल बदलने का काम करवाते हैं।
भारतीय राजनीति में दल बदलने की परंपरा पुरानी है। इस तरह की सौदेबाजी भी पुरानी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी अगर वास्तव में देश की राजनीतिक सभ्यता में नैतिकता लाना चाहती है, तो न उसे गोवा में कांग्रेस छोड़कर आने वाले विधायकों से हाथ मिलाना चाहिए था और न ही कर्नाटक में सरकार गिराने की कोशिश करनी चाहिए।