कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 25 मार्च को घोषणा की थी कि कांग्रेस की सरकार बनी, तो देश का कोई भी ऐसा परिवार नहीं होगा, जिस की न्यूनतम आय 12 हजार रुपये से कम हो। जिस भी परिवार की आय इससे कम होगी, उसकी 6000 रुपये तक की भरपाई सरकार करेगी। हालांकि अगले दिन कांग्रेस के प्रवक्ता ने इसे दुरुस्त करते हुए बताया कि यह भरपाई योजना नहीं होगी, अलबत्ता पांच करोड़ गरीब परिवारों को 6,000 रुपये महीने दिए जाएंगे। कांग्रेस के घोषणा पत्र में भी न्यूनतम 12 हजार रुपये आमदनी और भरपाई का जिक्र नहीं है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस की इस योजना की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि एनडीए सरकार अपनी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत इससे ज्यादा राहत तो पहले ही दे रही है।
यह ऐसी योजना नहीं है, जिस पर पहले कहीं विचार नहीं किया गया हो। इस्राइल जैसे कुछ देशों में यह योजना नेगेटिव आय के रूप में लागू है। इस तरह की योजना में एक व्यक्ति की न्यूनतम आय तय कर दी जाती है, उससे ऊपर की आमदनी पर टैक्स लगता है, और जिसकी आमदनी उससे कम होती है, उसे बाकी राशि की भरपाई की जाती है। राष्ट्रपति निक्सन ने नेगेटिव आयकर योजना को अमेरिका में लागू करने का प्रस्ताव रखा था, पर अमेरिकी कांग्रेस से इसकी मंजूरी नहीं दी। अलबत्ता बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए योजना लागू की गई, जिसे सप्लीमेंट सेक्योरिटी नाम दिया गया।
न्यूनतम आय योजना अर्ध-बेरोजगारी भत्ते की तरह है। कांग्रेस के घोषणा पत्र ने भी इस पर विस्तार से प्रकाश नहीं डाला है। हालांकि यह जरूर कहा गया है कि शुरू में जीडीपी का एक प्रतिशत खर्च होगा और बाद में दो प्रतिशत तक खर्च होगा, जिसे अन्य संसाधनों से इकट्ठा किया जाएगा। कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि विशिष्ट उद्देश्यों वाली सब्सिडी बंद नहीं की जाएगी। इसका मतलब है कि एक-दो तरह की सब्सिडी को छोड़कर सब्सिडी की बाकी सभी योजनाएं बंद कर दी जाएंगी।
राहुल गांधी ने 6,000 रुपये न्यूनतम आय की जरूरत किस आधार पर तय की है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी। क्या पांच सदस्यों के एक परिवार के लिए छह हजार रुपये घर चलाने के लिए काफी हैं? महानगरों में एक कमरे का मकान छह हजार रुपये तो क्या 12 हजार रुपये किराये पर भी नहीं मिलता। किसी सरकारी एजेंसी के पास ये आंकड़े मौजूद नहीं हैं कि छह हजार रुपये से कम आमदनी वाले परिवार कितने हैं। पता नहीं यह पांच करोड़ परिवारों का आंकड़ा कहां से आया? और इसका क्या भरोसा है कि न्यूनतम आय योजना का लाभ गलत हाथों में नहीं जाएगा, आखिर करोड़ों की तादाद में फर्जी राशन कार्ड भी तो पकड़े गए हैं, जिनका जिक्र प्रधानमंत्री मोदी अपनी रैलियों में जमकर कर रहे हैं।
असल में नरेंद्र मोदी सरकार ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक करवा कर पूरे देश का ध्यान कश्मीर, आतंकवाद और पाकिस्तान की ओर मोड़ दिया है। उसके बाद सभी सर्वेक्षणों में बताया गया कि भाजपा स्पष्ट बहुमत हासिल कर लेगी। एयर स्ट्राइक के सबूत मांगकर बैकफुट पर आई कांग्रेस चुनावी बहस को कृषि-किसान, बेरोजगारी जैसे आर्थिक मुद्दों पर ले जाना चाहती है, इसलिए राहुल गांधी ने न्यूनतम आय योजना को पहले लीक किया था। घोषणा पत्र के मुताबिक, अभी इस पर आर्थिक विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा चल ही रहा है। राहुल चुनाव को गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दों पर ले जाना चाहते हैं, जबकि नरेंद्र मोदी अब भी चुनाव को भावनात्मक मुद्दों पर ले जाना चाहते हैं। इसलिए उन्होंने एंटी सैटेलाइट ऑपरेशन की सफलता को भी भुनाने लिए राष्ट्र को संबोधित किया।