मानवीय बुद्धि ऐसी है कि अगर इसे सही तरीके से व्यवस्थित नहीं किया जाए, तो यह उन प्राणियों की अपेक्षा अधिक भ्रम और दुख का कारण बनती है, जिनके पास आपके मस्तिष्क का दस लाखवां हिस्सा है। वे बिल्कुल स्पष्ट लगते हैं।
अगर आपको कोई कुछ बोले भी नहीं और आप स्वयं ही चिंतित रहते हैं, तो इसका सीधा-सा मतलब है कि आपकी बुद्धि आपके खिलाफ काम कर रही है। मानव अस्तित्व के लिए स्पष्टता सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए प्रकाश महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका मतलब ही स्पष्टता है। दिवाली का त्योहार स्पष्टता को समर्पित है। दिवाली पर आप देखेंगे कि हजारों दीयों से गांव से लेकर शहर तक जगमगा उठते हैं। दिवाली मनाने का मतलब केवल बाहर दीये जलाना नहीं है, बल्कि अंदर के अंधकार को दूर करने के लिए भी रोशनी होनी चाहिए। रोशनी का मतलब स्पष्टता है, इसके बगैर आपके पास मौजूद हर गुण सिर्फ नुकसानदेह होगा, क्योंकि स्पष्टता के बिना आत्मविश्वास एक आपदा है। आज दुनिया भर में कई काम स्पष्टता के बिना किए जाते हैं। स्पष्टता के बिना हम जो भी करने की कोशिश करेंगे, वह विनाशकारी ही होगा।
प्रकाश हमारी दृष्टि में स्पष्टता लाता है-न केवल भौतिक रूप से, बल्कि हमारे आसपास की हर चीज को समझने और जीवन को समझदारी से जीने में भी मददगार साबित होता है। दिवाली वह दिन है, जब अंधकारमय शक्तियों को मार दिया गया और तब प्रकाश हुआ। अंधेरे बादल जो उदास वातावरण में छाए रहते हैं, उन्हें यह एहसास नहीं होता कि वे सूर्य को रोक रहे हैं, मनुष्य को कहीं से कोई प्रकाश लाने की जरूरत नहीं है। अगर वह अपने भीतर जमा हुए काले बादलों को हटा दे, तो प्रकाश हो जाएगा। रोशनी का त्योहार बस इसी बात की याद दिलाता है।