यह अधिनियम ऑनलाइन खेलों के विज्ञापन, प्रचार और सुविधा प्रदान करने पर भी रोक लगाता है। साथ ही, बैंकों और भुगतान प्रणालियों को ऐसे खेलों से जुड़े लेनदेन को संसाधित करने से प्रतिबंधित किया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के अनुसार, अवैध प्लेटफार्मों को अवरुद्ध किया जा सकता है। इसके अलावा, यह शिकायत निवारण तंत्र और उपयोगकर्ताओं को नुकसान से बचाने के लिए सुरक्षा उपाय भी प्रदान करता है। अनुमानतः पैंतालीस करोड़ भारतीय ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म से प्रभावित हुए हैं, जिससे बीस हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
लत, आर्थिक बर्बादी, मनी लॉन्ड्रिंग और आत्महत्याएं, ये सभी इस क्षेत्र से जुड़े जोखिम हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, अधिनियम में ऑनलाइन धन-आधारित खेलों का संचालन या उन्हें बढ़ावा देने पर तीन साल तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। बार-बार अपराध करने पर सजा पांच साल व जुर्माना दो करोड़ रुपये तक बढ़ सकता है। ऐसे खेलों के विज्ञापन पर भी दो साल तक की कैद और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के साइबर सेल अधिकारी अपराधों की जांच करने के लिए सशक्त हैं। नए ढांचे के केंद्र में ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया है। यह प्राधिकरण ऑनलाइन मनी गेम्स की सूची तैयार करेगा, शिकायतों की जांच करेगा, आवश्यक निर्देश व आचार संहिता जारी करेगा तथा उपयोगकर्ताओं की अपीलों का निपटारा करेगा।
गेम वर्गीकरण से जुड़े निर्णय 90 दिनों के भीतर लिए जाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने पर ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स का पंजीकरण अनिवार्य है, जो उपयोगकर्ताओं के लिए जोखिम, लेनदेन और मूल देश जैसे कारकों पर आधारित है। सफल आवेदन पर एक यूनिक संख्या वाला डिजिटल पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त होता है, जो दस वर्षों तक वैध रहेगा। पंजीकरण के समय सेवा प्रदाताओं को अपनी सुरक्षा सुविधाओं व आंतरिक शिकायत निवारण तंत्रों का खुलासा करना होगा। प्लेटफॉर्म द्वारा दिए गए समाधान से असंतुष्ट उपयोगकर्ता तीस दिनों के भीतर प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं, जिसका लक्ष्य ऐसी अपीलों का निपटारा अगले तीस दिनों के भीतर करना है। कार्यवाही यथासंभव डिजिटल माध्यम से की जाएगी। जुर्माने का निर्धारण करते समय सेवा प्रदाताओं के निवारण प्रयासों पर भी विचार किया जाएगा। सभी जुर्माने भारत की संचित निधि में जमा किए जाएंगे।
सरकार का तर्क है कि भारत उन अन्य देशों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करता है, जो गेमिंग के आर्थिक वादे और सामाजिक जोखिमों के बीच समान तनाव से जूझ रहे हैं, और यह दर्शाता है कि नवाचार तथा मजबूत सुरक्षा उपाय परस्पर विरोधी नहीं है। - edit@amarujala.com