फ्लोरिडा में अप्रैल से नवंबर तक का मौसम इतना गर्म होता है कि हमेशा एक सुस्ती बनी रहती है। बादलों वाली दोपहर में जो उमस होती थी, उसका तो कहना ही क्या! जब उमस भयानक स्तर पर होती है, तो सारा शिष्टाचार धरा रह जाता है। हालांकि मुझे हमेशा से यह पसंद नहीं था। मेरी मां बताती हैं कि बचपन में तो मैं गर्मी सहन ही नहीं कर पाती थी। मैं अक्सर गर्दन पर ठंडा तौलिया लगाए रखती थी कि कहीं मैं बेहोश न हो जाऊं। लेकिन अब जब मैं अपने घर से दूर हूं, तो मुझे वही माहौल याद आता है।
नौकरी के सिलसिले में, मैं जहां भी रही, वे सभी जगहें फ्लोरिडा की तुलना में कम गर्म थीं, बल्कि ठंडी ही थीं। पेंसिल्वेनिया के एक कॉलेज में नौकरी के दौरान मैंने अपने घर के दरवाजे पर जमी बर्फ को हटाना सीखा। मैं अपने पति के साथ केवल छुट्टियों के दौरान फ्लोरिडा लौटती थी, लेकिन गर्मी के डर से वहां ज्यादा रुकने की हिम्मत नहीं होती थी। एक बार जब मैं अपने बीमार पिता को देखने फ्लोरिडा आई थी, तब मेरी बहन जून की तपती दोपहर में जंगल की सैर कराने ले गई। तब पहली बार मुझे गर्मी अच्छी लगी। फिर जब मैं बोस्टन लौटी, तो काफी दिन तक रोती रही। और, तब मुझे अपने घर की ओर से आने वाली पुकार महसूस हुई। जब मैं अपने पति के साथ फ्लोरिडा पहुंची, तब कोविड महामारी फैलनी शुरू हो गई थी। तब तीन साल तक हम फ्लोरिडा में ही रहे। तब मैं रोज सुबह दौड़ने जाती थी और जब लौटती तो पूरी तरह से पसीने से तरबतर।
मुझे यह गर्मी अपनी-सी लगने लगी थी। मैंने कहीं पढ़ा था कि जो लंबे समय तक साथ दे, वही सच्चा साथी होता है। फ्लोरिडा में गर्मी का मौसम ही ज्यादातर समय रहता है और इस नाते गर्मी ही हमारी सच्ची साथी होनी चाहिए। गर्मियों में अक्सर आसमान खुला रहता है। एक प्याली ग्रीन टी और विशाल खुले नीले आसमान को एकटक देखना भी एक आध्यात्मिक अनुभव है। यह गर्मी और पसीना मुझे यह याद दिलाते हैं कि मैं और फ्लोरिडा हमेशा के लिए एक-दूसरे से जुड़े हैं। मैं जहां कहीं भी जाती हूं, इन अनुभवों को साथ ले जाती हूं।