न की कम्युनिस्ट पार्टी की 19वीं कांग्रेस शी जिनपिंग को देंग श्याओपिंग के बाद देश के सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में स्वीकार करने के साथ खत्म हो गई। नए युग में चीन को ले जाने के लिए जिनपिंग के समाजवादी विचारों को पार्टी संविधान में भी शामिल कर लिया गया है।
आखिरी दिन मंगलवार को पार्टी कांग्रेस में सर्वोच्च नीति निर्धारण करने वाली संस्था केंद्रीय कमेटी के 204 सदस्यों का चुनाव भी किया गया। लेकिन जैसा कि सर्वविदित है, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी में वास्तविक सत्ता 25 सदस्यीय पोलित ब्यूरो और इसकी सात सदस्यीय स्थायी समिति के पास होती है। शी जिनपिंग को पार्टी का दोबारा महासचिव चुने जाने के साथ ही चीन की शीर्ष कार्यकारी संस्था पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के छह अन्य सदस्यों का भी चयन किया गया। प्रधानमंत्री ली केकियांग दोबारा इसके सदस्य बने रहेंगे और उनके साथ जिन पांच नए सदस्यों को पदोन्नत किया गया है, उनमें ली झेनसू, वांग यांग, वांग हुनिंग, झाऊ लेजी और हान झेंग शामिल हैं। इसी बैठक में शी जिनपिंग को दोबारा सेंट्रल मिलिटरी कमेटी का चेयरमैन चुना गया और एयरफोर्स जनरल शू किलिआंग और जनरल झेंग युक्सिआ के रूप में दो डिप्टी चेयरमैन होंगे। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह अतीत से उलट है, इससे स्पष्ट संकेत नहीं मिलते कि आखिर 2022 में शी का उत्तराधिकारी कौन होगा या ली की जगह कौन लेगा।
पोलित ब्यूरो में भी कई नए सदस्य हैं, जोकि पुराने लोगों की जगह लेंगे। इनमें शी जिनपिंग के करीबी लोग हैं, जिनमें चोंगकिंग पार्टी सचिव चेन मिनर, बीजिंग के मेयर काई क्वी, अर्थशास्त्री लियु हे और जनरल झेंग युक्सिआ शामिल हैं। 18 सदस्यों में से 15 नए हैं। जो लोग रिटायर हो रहे हैं, उनमें ताकतवर सुरक्षा प्रमुख मेंग जियांझू शामिल हैं। ऐसा लगता है कि उनके मातहत रहे उप प्रमुख ग्यूओ शेंगकुन उनकी जगह ले सकते हैं। देंग श्याओपिंग युग की समाप्ति और शी जिनपिंग की अगुआई में नए युग की शुरुआत के कई अर्थ हैं। देंग ने घातक सांस्कृतिक क्रांति से संकट में आए चीन के लिए आवश्यक कार्ययोजना प्रस्तुत की थी। इसे '24 कैरेक्टर स्ट्रेटजी' नाम दिया गया था। इसका सार यह था कि चीन शांत रहे और अपनी ताकत का इजहार न करे, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बहुत सक्रिय न रहे और अपनी अर्थव्यवस्था को रूपांतरित करने पर ध्यान केंद्रित करे।
शानदार आर्थिक विकास और सैन्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी ताकत का विस्तार करने के बाद चीन कहता है कि वह विश्व पटल पर केंद्रीय भूमिका निभाने को तैयार है। 19वीं पार्टी कांग्रेस में जिनपिंग ने रूपरेखा प्रस्तुत की जिसके तहत 2035 तक चीन 'एक महान आधुनिक समाजवादी देश' बन जाएगा और 2050 तक यह समृद्ध, मजबूत और लोकतांत्रिक तथा सांस्कृतिक रूप से विकसित देश बन जाएगा। और तब चीन 'संयोजित राष्ट्रीय शक्ति तथा अंतरराष्ट्रीय प्रभाव के रूप में दुनिया का शीर्ष देश बन जाएगा'।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने लोगों के लिए बेहतर जिंदगी का वायदा किया है। पार्टी कांग्रेस में प्रस्तुत की गई अपनी रिपोर्ट में शी जिनपिंग ने चीनी कहावत, मेई हाओ शेंग हुओ (एक बेहतर जिंदगी) का 14 बार जिक्र किया। मार्क्सवादी शब्दावली का उपयोग करते हुए शी ने कहा कि हमारा मूल संघर्ष गरीबी और पिछड़ेपन से निजात पाने के लिए था। चीन ने अब आर्थिक प्रगति कर ली है और लोगों को बुनियादी चीजें उपलब्ध करवा रहा है, अब चुनौती है देश के विभिन्न हिस्सों में विकास को लेकर जो असमानता है उसे दूर करना और अमीरों और गरीबों के बीच के अंतर को कम करना। इसके साथ ही लोग लोकतंत्र, कानून का राज, निष्पक्षता और न्याय, सुरक्षा के साथ ही अच्छा पर्यावरण चाहते हैं।
निश्चय ही, 'लोकतंत्र' या 'कानून का राज' वह नहीं है, जैसा हम अपनी राजनीतिक व्यवस्था के आधार पर समझते हैं। शी का आशय 'समाजवादी लोकतंत्र' से है, जहां सिर्फ एक ही सत्तारूढ़ दल है और वह है चीन की कम्युनिस्ट पार्टी। जहां तक कानून के राज की बात है, तो चीनी व्यवस्था में कोई स्वतंत्र न्यायपालिका नहीं है और अधिकांश लोग इसे मनमाना और भेदभावपूर्ण मानते हैं। यहां तक कि पार्टी के पदाधिकारी तक इसे बर्बर व्यवस्था मानते हैं, क्योंकि भ्रष्टाचार और गलत कामों की जांच के लिए उन्हें भी अनिश्चितकाल के लिए हिरासत में रखकर प्रताड़ना दी जाती है। शी ने वायदा किया है कि वह देश में कानून आधारित शासन प्रणाली की ओर बढ़ेंगे, इसी तरह से पार्टी में भी बदलाव लाएंगे। यही सब 'चीनी कलेवर में लोकतंत्र' है, जिसे शी जिनपिंग 'नए युग' में लाने वाले हैं। इसे हासिल करने के लिए कम्युनिस्ट पार्टी को हर स्तर पर काम को देखना होगा, यह सुनिश्चित करना होगा कि शासन कानून पर आधारित हो, लोगों का जीवन स्तर ऊंचा उठे, अच्छा पर्यावरण हो, आंतरिक और बाह्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसे कदम उठाने होंगे, उसे यह देखना होगा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और पीपुल्स आर्म्ड पुलिस पूरी तरह से उसके नियंत्रण में हो और अंत में यह भी सुनिश्चित करना होगा कि खुद पार्टी कानून और नियमों को बढ़ावा दे।
वैसे हम सब जानते हैं कि पार्टी कांग्रेस का पूरा कार्यक्रम पहले से बहुत अच्छी तरह से तय कर लिया गया था। इसमें होने वाले समझौते और फैसले काफी पहले ही ले लिए गए थे। यह पूरा आयोजन एक तरह से चीन के लोगों को दिखाने के लिए एक राजनीतिक थियेटर की तरह था। इसके जरिये यह दिखाने की कोशिश की गई कि पार्टी का शासन वैध है और जो लोग उन पर शासन करते हैं, वह एक तरह की चयन प्रक्रिया के जरिये आए हैं, जिसमें आम लोगों की भी भूमिका है। शी जिनपिंग ने चीन के भविष्य की काफी साहसी रूपरेखा प्रस्तुत की है, लेकिन उन्हें एहसास है कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए उन्हें एक मजबूत टीम की जरूरत होगी।
-लेखक, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के फैलो हैं।