पत्नी कोप भवन में पड़ी हुई है। उसकी जिद है कि मैं उसे शादी के समय दिए सात वचनों में से सातवें को पूरा करूं। छह वचन तो मैंने गिर-पड़कर जैसे-तैसे पूरे कर दिए, लेकिन सातवां वचन निभाना मुझे भारी पड़ रहा है। आज मुझे पछतावा हो रहा है कि शादी का लड्डू खाने की खुशी में मैंने यह इतना दुस्साहसी वचन कैसे और क्यों दे दिया? मेरा सातवां वचन है, पत्नी को हर वर्ष गैस का सातवां सिलेंडर लाकर देना। आज शादी की सालगिरह है और पत्नी ने उपहार में सातवां सिलेंडर मांग लिया है। सुबह से मूड ऑफ करके वह लेटी हुई है।
मैंने उसके कमरे में जाकर फिर से वही बात कही है कि सातवें सिलेंडर को छोड़कर तुम कुछ और मांग लो।
पत्नी भड़क उठी, तो आपने मुझे यह वचन दिया क्यों था? पता है, सामने वाली मिसेज रमा ने गाजर का हलवा सातवें सिलेंडर पर बनाया है। हम क्या मिसेज रमा से भी गए-बीते हैं?
बात गए-बीते की नहीं है। उसके पति वेतन के अलावा रोज हजार-दो हजार रुपये रिश्वत के मारकर लाते हैं। हम तो वैसे भी दो ही हैं, साल में छह सिलेंडर बहुत होते हैं।
लेकिन पत्नी मानने वाली नहीं थी। उसने ऐलानिया कह दिया, आज घर में खाना तभी बनेगा, जब घर में सातवां सिलेंडर आ जाएगा। पड़ोस में सातवें सिलेंडर पर पकवान तले जा रहे हैं और हम मरदुए छठे सिलेंडर पर खाना पकाएं। औकात और हैसियत बनाना सीखो शर्मा जी, कौन-सी मैंने डायमंड ज्वेलरी मांग ली, जो इस तरह पीछे हट रहे हैं आप?
चलो ज्वेलरी ही ले आते हैं। एक ज्वेलर दोस्त है, उसे किस्तों में चुका देंगे पैसे। अब तो खुश।
पर पत्नी टस से मस न हुई, ज्वेलरी बाद में आ जाएगी, पर खाना तो सातवें सिलेंडर से ही बनेगा।
हारकर मैंने कालरा को फोन लगाया, तो वह छूटते ही बोला, किस मुसीबत में हो? बिना आपदा के तो तुम मुझे याद करते नहीं। मेरा जवाब था, यार, मुझे सातवां सिलेंडर लाना है। गैस एजेंसी उधार या किस्तों में तो सिलेंडर देती नहीं, इसलिए कुछ उधार चाहिए, ब्याज सहित लौटा दूंगा।
ब्याज के नाम से कालरा के मुंह में पानी आ गया। वह रकम दे गया और इस तरह सातवें सिलेंडर का जुगाड़ हुआ।
अब पत्नी खुश है और सातवें सिलेंडर पर गाजर का हलवा बना रही है। पर सातवां सिलेंडर लाने में मुझे बहुत परेशानी हुई, इसलिए गाजर के हलवे की खुशबू भी मुझे खुश नहीं कर रही।