21वीं सदी को रचनात्मक नेतृत्व की जरूरत है। रचनात्मक नेतृत्व के लिए रचनात्मक दिमाग की जरूरत है। वास्तव में एक नेता के लिए रचनात्मक होना पर्याप्त नहीं है। जो लोग नेतृत्व कर रहे है उन्हें भी रचनात्मक होना सिखाया जाना चाहिए।
यदि परिवर्तन इस सदी के लिए नियम है तो नवीनता परिवर्तन का इंजन है और ज्ञान उसका ईंधन है। अगर आपकी कंपनी में सारा ज्ञान सिर्फ एक मस्तिष्क में जमा होता है तो आपकी कंपनी बहुत जल्दी बंद हो जाएगी। जो संगठन सभी स्तरों पर ज्ञान का प्रसार और सभी स्तरों पर लोगों को रचनात्मक तरीके से उस ज्ञान को लागू करने के लिए प्रोत्साहित करता है वो ही संगठन सफल होता है।
जब लीडर ज्ञान अर्जित करता है, तब किसी को भी नही पता होता है कि उसे क्या करना है। हर व्यक्ति लीडर की तरफ आदेश के लिए देखता रहता है। रचनात्मक लीडर कभी लोगों को नहीं बताते कि उन्हें क्या करना है। वो लोगों को खुद निर्णय लेने में यकीन रखते है। वे बस जरूरत पड़ने पर उन लोगों की सहायता करते हैं।
आधुनिक नेतृत्व की मेरी परिभाषा है कि, "यह एक प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्रबंधन एक ऐसा वातावरण बनाता है जिसमें लोग स्वेच्छा से साझा उद्देश्यों को पूरा करने के लिए प्रयास करते हैं।" इसके लिए कार्पोरेट दूरदर्शिता की जरुरत है। प्रभावी लीडर कॉर्पोरेट दूरदर्शिता के साथ अपने निजी अनुभवों को भी समाहित करते हैं और कंपनी में दूसरों की ऐसा करने में मदद करते हैं।
रचनात्मक लीडर उनके आसपास के लोगों में उत्कृष्टता को स्वीकार करते है। वे लोगों को बात करने के लिए आमंत्रित करते हैं, और वे उनकी बातें सुनते हैं और उनकी बातों का जवाब देते हैं। रचनात्मक लीडर दूसरों पर चिल्लाते नहीं है। वे लोगों को काम करने के लिए सकरात्मक माहौल तैयार करते हैं। वे सर्वज्ञानी होने का दावा नहीं करते हैं। वे जरूरत पड़ने पर लोगों से पूछते भी है और उन्हें बताते भी है।
अच्छी बात ये है कि आपको 'जन्मजात लीडर' बनने की जरूरत नहीं है। अच्छा लीडर बनने के लिए जो भी गुण चाहिए वो आप सीख सकते हैं। मैं जानता हूं, मैंने खुद कई लोगों को इन गुणों की सीख दी है और मैं बहुत से लोगों को जानता हूं जिन्होंने ये सारे गुण सीखकर रचनात्मक नेतृत्व के जरिए एक नया और बेहतर माहौल तैयार किया है।
Umesh Gautam
(लेखक इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी, बरेली के कुलाधिपति हैं)
http://www.invertisuniversity.ac.in/