भारत की जेन-जी पीढ़ी साहस, सूझ-बूझ, तकनीकी दक्षता और रचनात्मकता से उद्यमिता, स्टार्टअप और उपभोक्ता बाजार को बढ़ावा दे रही है। प्रसिद्ध वेंचर कैपिटल फर्म फायरसाइड वेंचर्स के अनुसार, जेन-जी की दखल अभिभावकों के खरीदी संबंधी फैसलों में भी बढ़ती जा रही है। दुनिया में सबसे अधिक जेन-जी की आबादी भारत में (37.7 करोड़) है, जो देश की कुल जनसंख्या का लगभग एक-चौथाई है। जेन-जी को एआई सहित नए डिजिटल कौशल और शोध व नवाचार की दक्षता के साथ आगे बढ़ाना तथा उनके लिए अवसरों के निर्माण, सेवाओं की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण जरूरी है। साथ ही, उन्हें वैश्विक चुनौतियों के लिए भी तैयार करना होगा।
नीति आयोग की सेवा क्षेत्र से जुड़ी रिपोर्ट के अनुसार, देश की जीडीपी में सेवा क्षेत्र का योगदान 55 फीसदी से अधिक है, जो लगभग 18.8 करोड़ लोगों या देश के कार्यबल के लगभग 30 फीसदी को रोजगार देता है। ऐसे में सेवा क्षेत्र में जेन-जी पीढ़ी के लिए नए मौके उभरकर आ रहे हैं। इसी माह प्रधानमंत्री ने जिस एक लाख करोड़ रुपये के रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (आरडीआई) फंड को लॉन्च किया है, उसके माध्यम से जेन-जी को तकनीकी शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन की ओर प्रोत्साहित किया जा सकता है।
नीति आयोग की रिपोर्ट रोडमैप फॉर जॉब क्रिएशन इन द एआई इकनॉमी, 2025 के मुताबिक, एआई के बढ़ते प्रभाव से जहां 2031 तक बड़ी संख्या में पारंपरिक नौकरियां खत्म हो सकती हैं, वहीं एआई से जुड़ी करीब 40 लाख नई नौकरियां निर्मित होते हुए दिखाई देंगी। भारत की नई पीढ़ी के लिए देश में एआई से जुड़ी नौकरियां बढ़ रही हैं, वहीं एआई कौशल से प्रशिक्षित भारतीय युवाओं के लिए विदशों में भी मौके बढ़ रहे हैं। जिन देशों में जेन-जी ने भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बनाकर सरकारें गिराई हैं, वे देश ट्रांसपैरेंसी इंटरनेशनल द्वारा प्रकाशित 180 देशों की भ्रष्टाचार सूचकांक, 2024 सूची में सबसे भ्रष्ट देशों में शामिल हैं। इस सूची में बांग्लादेश 150वें, मेडागास्कर 140वें, श्रीलंका 121वें तथा नेपाल 107वें क्रम पर हैं। इसमें भारत भी 96वें क्रम पर है। भ्रष्टाचार के मद्देनजर यह स्थिति चिंताजनक है और देश में फैले हुए भ्रष्टाचार को रोकने की जरूरत उभरकर दिखाई दे रही है।
उम्मीद करें कि सरकार जेन-जी पीढ़ी को देश की नई मजबूत आर्थिक-सामाजिक शक्ति बनाने के लिए रणनीतिक रूप से आगे बढ़ेगी और ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों में जेन-जी को एआई कौशल से दक्ष करने के लिए प्रभावी अभियान चलाएगी। आशा है सरकार देश में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कठोर कानून और ई-गवर्नेंस की डगर पर आगे बढ़ेगी एवं जेन-जी पीढ़ी को पल्लवित-पुष्पित करने के लिए कदम उठाएगी। साथ ही, जेन-जी भी देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सक्रिय होंगे।