बैंक और पोस्ट ऑफिस में निवेशकों की जमा राशि की अवधि के अनुसार उस पर ब्याज दिया जाता है। वहीं, शेयर बाजार में निवेशक सेंसेक्स और निफ्टी में सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर खरीदते हैं और जब कंपनियों के शेयर के भाव में इजाफा होता है तो निवेशकों को मुनाफा होता है। कुछ वर्षों पहले तक निवेशकों के पास निवेश के सीमित विकल्प थे। उनके लिए निवेश का सबसे अच्छा विकल्प बैंक और पोस्ट ऑफिस थे। टैक्स में राहत पाने के लिए भी निवेशक इन्हीं दोनों विकल्पों का चुनाव करते थे। मौजूदा समय में निवेश के बहुत सारे विकल्प उपलब्ध हैं। बदली परिस्थितियों में बैंक और पोस्ट ऑफिस ने जमा पर दिए जाने वाले ब्याज में उल्लेखनीय कटौती की है। इसलिए, आज निवेशक अधिक प्रतिफल की आस में शेयर बाजार, बॉन्ड्स, म्यूचुअल फंड, सोने आदि में निवेश करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मई 2025 में बैंक और पोस्ट ऑफिस द्वारा जमा पर दिए जा रहे ब्याज में सबसे अधिक 8.25 फीसदी ब्याज पंजाब नेशनल बैंक और कोटक महिंद्रा दे रहे थे। अन्य बैंक गैर-वरीय नागरिकों को 7.05 फीसदी और वरीय नागरिकों को 7.55 फीसदी ब्याज दे रहे हैं, जबकि पोस्ट ऑफिस में राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) में ब्याज 7.5 फीसदी दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान प्रति 10 ग्राम सोने में निवेश करने वालों को 33 फीसदी का प्रतिफल मिला, तो कैलेंडर वर्ष 2024 में निवेशकों को 20 फीसदी का प्रतिफल मिला, वहीं सोने में पांच वर्षों तक निवेश करने वालों को 17.2 फीसदी, 10 वर्षों तक निवेश करने वालों को 11.07 फीसदी और 20 वर्षों तक निवेश करने वालों को 13.8 फीसदी का प्रतिफल मिला। 2017-18 सीरीज के सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशकों को 17.5 फीसदी का प्रतिफल मिला, जबकि गोल्ड ईटीएफ में एक साल तक के निवेश पर 29.97 फीसदी तक का प्रतिफल मिला, जबकि तीन साल के निवेश पर 16.93 फीसदी का प्रतिफल और पांच वर्षों के निवेश पर 13.59 फीसदी का प्रतिफल मिला।
आमतौर पर भारत में निवेशक नियम 72 के अनुसार, बैंक या पोस्ट ऑफिस में चल रही योजनाओं में पैसा निवेश करते हैं, क्योंकि वे निवेश के पहले यह जरूर देखते हैं कि उनका पैसा कितने साल में दोगुना हो जाएगा। कुछ मियादी योजनाओं पर पांच वर्षों के लिए निवेश करने पर आयकर एक्ट 1961 के सेक्शन 80C के तहत कर में छूट का लाभ मिलता है। इसके तहत 1.50 लाख रुपये तक के निवेश पर आप आयकर छूट का लाभ ले सकते हैं।
लोक भविष्य निधि यानी पीपीएफ भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश योजनाओं में से एक है। अगर आप सेवानिवृति के पश्चात या 60 साल की उम्र तक एक स्मार्ट फंड बनाना चाहते हैं, तो यह योजना आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। अभी पीपीएफ में 7.1 फीसदी के निश्चित ब्याज के साथ निवेश पूरी तरह जोखिम रहित है। इस पर चक्रवृद्धि ब्याज दिया जाता है, अर्थात यह ब्याज हर साल कंपाउंड होती है, यानी आपको जमा राशि पर ब्याज मिलता है और फिर उस ब्याज पर भी ब्याज जुड़ता जाता है। यही कंपाउंडिंग की ताकत पीपीएफ को खास बनाती है।
निष्कर्ष के तौर पर कहा जा सकता है कि छोटे निवेशकों के लिए अब भी बैंक और पोस्ट ऑफिस निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प हैं। भले ही वर्तमान में सोने में किए जाने वाले निवेश पर प्रतिफल अधिक मिल रहा है, लेकिन इसमें तरलता की समस्या रहती है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम रहित नहीं है। इसमें पैसे डूबने की संभावना ज्यादा है। अस्तु, निवेश से आय अर्जित करने के क्रम में अगर आप लालच नहीं करेंगे, तो आपके पैसे सुरक्षित रहेंगे। कम प्रतिफल मिले, लेकिन पैसा सुरक्षित रहे, यही निवेशकों की प्राथमिकता होनी चाहिए।