मैं सुबह-सुबह दरवाजे पर ब्रश करने में बिजी था कि अचानक हमारे पड़ोसी किसी विक्षोभ की तरह आ धमके, और आते ही ओलों की तरह गरजे, क्या आपके पेन ड्राइव में स्टिंग है? एकदम दागे गए सवाल पर पहले तो मैं चकराया, फिर झाग को मुंह से पृथक करते हुए बोला, सुबह-सुबह भांग चढ़ा आए हो क्या, जो बेसिर-पैर की झाड़ रहे हो? देखते नहीं, ब्रश कर रहा हूं। इस समय तुम्हारा सवाल होना चाहिए था-क्या आपके टूथपेस्ट में नमक है?
टूथपेस्ट में नमक ओल्ड फैशन है मित्र। अब तो पूछिए-क्या आपके टूथपेस्ट में नींबू' है? आप यह तो बताइए, क्या आपके पेन ड्राइव में स्टिंग है?
मेरे पेन ड्राइव में स्टिंग क्यों होगा? मैं कोई नेता थोड़े ही न हूं। मेरे कने जो पेन ड्राइव है, उसमें बायोडेटा, कुंडली, जरूरी फाइलें, पुराने बिल, कुछ घरेलू एलबम, आर्टिकल, कतरनें तथा एक मकान का नक्शा है, जो अभी बना नहीं है।
अरे, पेन ड्राइव में स्टिंग रखो, फिर देखो, कैसे सब कुछ रातोंरात बनता है। फिर वह समझाने लगे, देखिए, टूथपेस्ट में नमक-नींबू महत्वपूर्ण हैं। इनका न होना वैसा ही है, जैसे किसी फिल्म में आइटम नंबर का न होना। उसी तरह आज पेन ड्राइव तब तक यूजलेस है, जब तक उसमें स्टिंग न हो। स्टिंग दूसरों को 'पेन' देता है, इससे सारे अभीष्ट हासिल होते हैं।
वह किसी पहुंचे हुए बाबा की तरह रहस्य खोल रहे थे-राजनीति में यह सीडी से पेन ड्राइव तक की रोचक और विद्रूप भरी यात्रा है। जिनके पास सीडी, पेन ड्राइव होता है, वे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अर्हता अर्जित कर लेते हैं। कुछ न हो, तो भी उसे धमकी के अंदाज में लहराते रहते हैं कि मेरे कने पेन ड्राइव है, पोल खोलूंगा शाम चार बजे। इससे सुर्खियां बनती हैं। सुर्खियों से नेता बनता है। शैशव काल वाले नेता भी पेन ड्राइव की नोक पर कुछ दिन विक्षोभ की तरह छाए रहते हैं। इसलिए आज सीडी सत्य है। पेन ड्राइव परम सत्य है और स्टिंग महासत्य है! यह कहकर वह चलते बने। मैं ब्रश मुंह में फंसाए उन्हें जाते हुए देखता और सोचता रहा।