यदि आप सोचते हैं कि अमेरिका-चीन व्यापार विवाद आसानी से हल होने वाला है, तो शायद आप गलत हैं। आप जितना सोच सकते हैं, यह उससे भी ज्यादा गंभीर और खतरनाक है। अगर राष्ट्रपति ट्रंप और राष्ट्रपति शी जिनपिंग को शीघ्र इसे खत्म करने का उपाय नहीं सूझा, तो हम बताते हैं कि हम कहां जा रहे हैं-इससे वैश्वीकरण की व्यवस्था भंग होगी, जिसने पिछले सत्तर वर्षों में इतिहास के किसी भी कालखंड की तुलना में दुनिया को पहले से ज्यादा शांत और समृद्ध बनाया है।
और इसकी जगह पर हम एक डिजिटल बर्लिन की दीवार तथा दो इंटरनेट, दो प्रौद्योगिकी की दुनिया पैदा करने वाले हैं, जिनमें से एक पर चीन का वर्चस्व होगा और दूसरे पर अमेरिका का। यह बहुत ज्यादा अस्थिर और कम समृद्ध दुनिया होगी। ट्रंप और शी को सब कुछ छोड़कर बातचीत के लिए बैठना चाहिए, इससे पहले कि यह लोकलुभावन और राष्ट्रवाद के ईंधन से चालित एवं दोनों देशों में सोशल मीडिया द्वारा प्रवर्धित द्रुत ट्रेन बन जाए।