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हाई फाई मुल्क और वाई फाई दिल्ली

Wed, 18 Feb 2015 08:15 PM IST
निर्मल गुप्त
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मौसम गुनगुना हो चला है। फाल्गुन मेरे घर के गमले में लगे पौधे में सुर्ख फूल के आकार में खिलकर अपने आने की खबर दे चुका है। तितलियों को इसकी गंध के जरिये मदमस्त बयार का एड्रेस मिल गया है। पाकिस्तान की टीम बिना हीला-हवाली किए भारत से हार गई है। पेट्रोल और डीजल के दाम आराम से बढ़ गए। गैस सिलेंडर बुक होने के एसएमएस निर्विघ्न आ रहे हैं। गैस जरा देर-सवेर आती है, तो क्या? वह आ जाती है, यही बहुत है। ऑनलाइन शॉपिंग वाले कीमती गुझिया के साथ गुलाल मुफ्त देने की पेशकश कर रहे हैं। शोरूमों पर ऑफ सीजन सेल की तख्ती विजय पताका की तरह लहरा रही है। डेढ़ सौ रुपये के एक बर्गर के साथ एक बर्गर फ्री मिल रहा है। उल्लास और उमंग के रस में सराबोर राजधानी के लोग अपने हिस्से की फ्री बिजली-पानी की बाट जोह रहे हैं।
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद ऑटो वालों ने मीटर की जगह झाड़ू टांग ली है। रेहड़ी वाले नींबू-मिर्ची की जगह फूलझाड़ू लटका कर निश्चिंत हैं। इलाके के मच्छर अनायास ही निहायत सभ्य हो चले हैं। अब वे इस सलीके से काटते हैं कि बिना खून टेस्ट कराए उनके द्वारा फैलाई गई बीमारी का पता ही नहीं चल पाता।

मुल्क में बदलाव की बयार बहने लगी है। गरीबों के बैंक खाते पहले ही खुल चुके हैं। अब तो डेबिट कार्ड भी उनकी जेब में आकर इतरा रहे हैं। दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क का प्रधान हमारे मुल्क के प्रधानमंत्री का लंगोटिया यार बन चुका है। मैसेज ऑफ गॉड की राह में बिछे रोड़े साफ हो चुके हैं। वैलेंटाइन वाले छिपते-छिपाते प्यार का इजहार करने में कमोबेश कामयाब हो चुके हैं।
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आसमान से घना कोहरा छंट चुका है। सरकारी मंतव्यों की व्यक्तिगत आलोचना करने की गुंजाइश खत्म हुई है। गर्मागर्म चाय के बजाय अब ठंडा-ठंडा कूल-कूल अनुभव करने का मनभावन समय है। होली इस बार जरा जल्दी आ रही है। सरकार क्या बदली, पूरा मुल्क हाई फाई और दिल्ली एकदम वाई फाई हो गई है।
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