वर्ष 2021 में मनुष्यों के एक छोटे समूह पर अध्ययन करते हुए शोधकर्ताओं ने 14 स्वयंसेवकों के बालों के नमूने चुने, जिनके बाल कुछ हद तक सफेद हो चुके थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि सबसे तनावपूर्ण क्षण में ही लोगों के बाल सफेद हुए।
कलंबिया विश्वविद्यालय में व्यवहार चिकित्सा के एसोसिएट प्रोफेसर और अध्ययन के लेखक मार्टिन पिकार्ड ने कहा कि यह पहली बार था, जब किसी अध्ययन ने विशिष्ट तनावपूर्ण घटनाओं को बाल सफेद होने से जोड़ा। शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर ऐसे शोध जारी रहते हैं, तो एक दिन ऐसे उपचार सामने आ सकते हैं, जो बालों को फिर से काला कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए अब बड़े मानव समूहों पर शोध की आवश्यकता है। शिकागो विश्वविद्यालय में त्वचाविज्ञान की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बारबोसा कहती हैं कि ज्यादातर लोगों के बाल सफेद होने का मुख्य कारण आनुवंशिकी है।
अगर आपके माता-पिता में से किसी के बाल कम उम्र में सफेद हो गए हैं, तो आपके भी बाल सफेद होने की आशंका है। वह कहती हैं कि कुछ चिकित्सीय स्थितियों के कारण भी बाल जल्दी सफेद हो सकते हैं। थायरॉयड का अधिक या कम सक्रिय होना और कीमोथेरेपी के चलते भी बाल जल्दी सफेद हो सकते हैं। आयरन, कैल्शियम, विटामिन बी12 और डी की कमी भी बाल जल्दी सफेद होने के कारण हैं, साथ ही मोटापा और धूम्रपान भी। तो अगली बार अगर आप किसी के बाल असमय सफेद देखें, तो तनाव की बात करके उसे और तनाव न दें।