तालिबान के पांच साल: सत्ता तो मजबूत हुई, लेकिन अफगानिस्तान क्यों और गहरे संकट में फंसता जा रहा है?
सार
Afghanistan Humanitarian Crisis: अमेरिका की वापसी के बाद अफगानिस्तान की सत्ता पर तालिबान के कब्जे को 15 अगस्त को पांच साल पूरे हो गए। इस दौरान तालिबान ने अपनी सत्ता मजबूत की, लेकिन महिलाओं की आजादी, शिक्षा, रोजगार, अर्थव्यवस्था और मानवाधिकारों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। देश कूटनीतिक रूप से अलग-थलग है और पाकिस्तान से तनाव बढ़ा है। ऐसे में सवाल है कि क्या तालिबान की मजबूत दिखती सत्ता भीतर से कमजोर हो रही है? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
क्या अफगानिस्तान का भविष्य अंधेरे में है?
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