अरे वाह! आप भी हैं...कैसे हैं...बहुत दिनों बाद!
वाह...वाह...इतने दिनों बाद...कैसे हैं?
नमस्कार...बढ़िया...और आप?
क्या भाई...ईद के चांद हो गए आप तो आजकल...कहीं नजर ही नहीं आते...ऐसी भी क्या नाराजगी भाई।
कल ही आपको याद किया था...साल भर हो गया आप से मिले...कहां रहते हैं आजकल।
क्या भिया...इधर भी जरा नजरें हो जाएं...।
बड़े जंच रहे हो भाई सूट में तो...दस साल कम नजर आ रहे हो...आखिर राज क्या है इस सेहत का।
वजन बढ़ा लिया...ध्यान दो भाई! चढ़ती उम्र है। यही वक्त है वजन कंट्रोल करने का। मूंग का हलवा लिया या नहीं...!
कमजोर लग रहे हो...क्या वजन घटा रहे हो? तुम तो वैसे ही फिट हो यार! तुम इतने दुबले हो जाओगे, तो हमारा क्या होगा।
पिछली बार तुम्हारे बाल इतने ज्यादा सफेद नहीं थे...अब तो सफेदी ही सफेदी है। जैसा दिल, वैसे बाल हाऽऽ हाऽऽ।
अरे...मूंछ साफ कर दी...? बेटे के छोटे भाई लग रहे हो...अपन ने इसीलिए कभी मूंछ ही नहीं रखी।
अकेले ही आए हो...मिसेज कहां है...बच्चे भी नहीं दिख रहे?
खाना जल्दी से ले लो...खत्म हो सकता है।
क्या अभी से जा रहे हो...? हम तो अभी चले ही आ रहे हैं। तीन-तीन शादियां निपटाई हैं आज तो।
और...इस बार ठंड का तो पता ही नहीं है! दिसंबर आ गया और एक बार भी स्वेटर नहीं पहना है। वेदर बदल रहा है।
भाभीजी की साड़ियां तो एक से एक होती हैं...कहां से लाती हैं आप।
पार्किंग की बड़ी प्रॉब्लम है! घर से यहां आने में तो दस मिनट ही लगे...पर पार्किंग में एक घंटा लग गया।
मैं तो घर से खाकर ही आता हूं पार्टी में...! रात को तो खाता ही नहीं हूं न!
ओ.के. मिलते हैं...!
हाय!
बाय!
इस तरह के वाक्य बोले बगैर क्या आप किसी शादी, पार्टी या समारोह में खड़े रह सकते हैं? बगैर बोले तो संभव है कि आप कुछ देर खड़े भी रह जाएं, मगर इस तरह के वाक्य सुने बगैर गुजारा है क्या?