27 वर्षीय काओ जी ने चार साल पहले शंघाई में कार बीमा बेचने वाली अपनी अल्प वेतन वाली नौकरी छोड़ दी थी और एक फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म में शामिल हो गए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें हर दिन कम से कम एक अतिरिक्त घंटा काम करना पड़ता था, ताकि उन्हें उतना वेतन मिल सके, जितना उन्हें काम शुरू करने के समय मिलता था। उन्होंने कहा कि उनके कई मित्रों को भी इसी प्रकार आय में गिरावट का अनुभव हुआ है। ‘मुझे लगता है कि यह सभी के साथ हो रहा है’, काओ ने कहा, जो मध्य प्रांत शांक्सी में अपने गृहनगर में कार ऋण चुकाने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले साल चीन की आर्थिक वृद्धि में निर्यात का योगदान लगभग एक तिहाई था। अब, बीजिंग को अमेरिका के साथ कदम से कदम मिलाना होगा, जो उसके सामानों का सबसे बड़ा खरीदार है और इस बात से नाराज है कि चीन उससे कम सामान खरीदता है। वर्तमान व्यापार युद्ध जैसी स्थितियों में चीन के लिए अपना सामान अमेरिका निर्यात करना लगभग असंभव हो गया।
संकुचनकारी ताकतों से निपटने का एक तरीका घरेलू खर्च को बढ़ाना होगा, जो चीन की वृद्धि का लगभग 39 प्रतिशत है, और अधिकांश प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के औसत से काफी कम है। बीजिंग अपनी ‘शून्य कोविड’ नीति के बाद से संकुचन के दबाव से जूझ रहा है, जिसने व्यापार के दृष्टिकोण और उपभोक्ता की खर्च करने की इच्छा को कम कर दिया है। चीन के पूर्वोत्तर लियाओनिंग प्रांत के एक निर्माण श्रमिक वांग लोंगहे एक मछलीघर बनाने में मदद करने के लिए दो दिन की नौकरी के लिए लगभग 1,600 मील की यात्रा करके दक्षिणी शहर झोंगशान पहुंचे। उन्होंने कहा कि चीन के पूर्वोत्तर में लगभग सभी निर्माण परियोजनाएं बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि ‘जब समय अच्छा था, तो वह सालाना 13,600 डॉलर तक कमा लेते थे। लेकिन, अब यदि वह इसका आधा भी कमा पाते हैं, तो खुद को भाग्यशाली समझते हैं।’
हाल के वर्षों में डिलीवरी और राइड शेयर ड्राइवर के रूप में काम करने वाले लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, क्योंकि लोगों को उनकी नौकरियों से निकाल दिया गया और छोटे व्यवसाय दिवालिया हो गए। व्यापार युद्ध इस प्रवृत्ति को और तेज कर सकता है। गोल्डमैन सेश के एक अनुमान के अनुसार, चीन से अमेरिका को निर्यात में अचानक गिरावट के कारण दो करोड़ से अधिक कर्मचारी अपनी नौकरी खो सकते हैं। जैसे-जैसे गिग इकनॉमी में अधिक से अधिक कर्मचारी आ रहे हैं, जिससे नौकरियां मिलना मुश्किल और वेतन कम हो रहा है, सरकार पेंशन लाभ और बीमा प्रदान करने के लिए जेडी डॉट कॉम और मैइटुअन जैसी कंपनियों पर निर्भर हो रही है, जिनके ऐप डिलीवरी जॉब के लिए प्लेटफॉर्म प्रदान करते हैं। लेकिन समस्या यह भी है कि अब गिग कार्य के लिए भी अधिक विकल्प मौजूद नहीं रह गए हैं।