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सपनों की तैराकी

Fri, 06 Sep 2013 07:49 PM IST
हेमेन्द्र मिश्र
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अपने जीवन के 64 वसंत उन्होंने देख लिए हैं। उनका शरीर दमा जैसे रोगों का बसेरा भी है। पर जीवट इतना अथाह कि समुद्र की गहराई भी छोटी लगे।
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उम्र के जिस सातवें दशक में अपने देश में महिलाएं पोते-पोतियों में रम जाती हैं, उस उम्र में अमेरिका की डायना नेयाद ने शार्कों और जहरीली जैलीफिश से भरे फ्लोरिया जलडमरूमध्य को 53 घंटों में पार करने का दुरुह कार्य किया है; वह भी शार्कों से बचाव वाले पिंजरे के बिना। ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाली वह दुनिया की पहली तैराक बन गई हैं।

क्यूबा से अमेरिका तक की उनकी यह यात्रा कोई पहली बार नहीं थी। इससे पहले चार बार वह इतिहास रचने की कोशिश कर चुकी हैं, लेकिन कभी मौसम, कभी स्वास्थ्य, तो कभी जैलीफिश के डंकों ने उनका रास्ता रोक दिया था। इस बार भी मंजिल तक पहुंचने से कुछ मील पहले उन्हें बोलने और सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी, पर थपेड़ों से हारना उन्हें मंजूर नहीं था।
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डायना के लिए मैराथन स्विमिंग 'एक क्रूर दुश्मन (समुद्र) के खिलाफ जीवन की ऐसी जंग है, जिसे जीतने का मूल मंत्र है- दूसरे किनारे तक जल्दी पहुंचना।' लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वह तैराकी का 'मजा' नहीं लेतीं। लंबी दूरी की तैराकी में गुनगुनाना उन्हें पसंद है। खासकर, इट एनेट मी बेबे, पेपरबैक राइटर जैसे गीत, जो उन्हें अपने जीवन की दास्तां की तरह लगते हैं।

बचपन में सौतेले पिता और बाद में स्विमिंग कोच के यौन शोषण का शिकार बनी इस 'जलपरी' (यूनानी पौराणिक कथाओं में नेयाद का उच्चारण नैयाड से मिलता है, जिसका अर्थ है, जलपरी) को पानी ही खुद के लिए सुरक्षित लगता है। पुरुषों से डर के कारण ही डायना ने शादी नहीं की। लेकिन उनकी दुनिया तैराकी तक ही सिमटी हुई नहीं है। वह लेखिका भी हैं, पत्रकार भी, प्रेरक वक्ता भी और अमेरिका की शीर्ष 30वीं स्क्वैश खिलाड़ी भी।

डायना की उपलब्धि पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ट्वीट किया था, अपने सपने पूरा करने का प्रयास कभी मत छोड़ना। इसकी वजह यह थी कि डायना ने अपने सपने की राह में उम्र को कभी रुकावट नहीं बनने दी; फ्लोरिडा जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश तो वह 1978 से ही कर रही थीं।
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अब उनकी इच्छा सैंडी तूफान में तबाह हुए लोगों और बोस्टन मैराथन धमाके के पीड़ितों की मदद करना है। और इस सपने को पूरा करने के लिए वह एक बार फिर स्विमिंग सूट पहनने को तैयार हैं।

- हेमेन्द्र मिश्र
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