आज न सिर्फ हमारा हिंदुस्तान, बल्कि सारी दुनिया एक मुश्किल दौर से गुजर रही है। कोरोना वायरस ने हमारे देश और सारे संसार में बहुत तबाही मचाई है और चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। पूरी दुनिया में न सिर्फ जानी नुकसान हुआ है, बल्कि आर्थिक स्थिति भी डगमगा गई है। ऐसे कठिन समय में हम सबको अपनी सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए। सभी सरकारें जनता के हित में जो फैसला ले रही हैं, उनका पालन करना चाहिए। विशेषकर सरकार द्वारा लागू किए गए लॉकडाउन के नियम, जो बिल्कुल मुनासिब और सही हैं, उनको सबको सख्ती से मानना चाहिए।
हम सबको अपने-अपने घरों में रहना चाहिए- यूं ही बेसबब न फिरा करो, किसी शाम घर भी रहा करो। आजकल अक्सर लोग यह कहते देखे जा रहे हैं कि वे घर में रहकर बोर हो गए हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हम सब अपने-अपने कामों में इतने व्यस्त रहते हैं कि अपने परिवार को समय नहीं दे पाते। ऐसे खाली वक्त में हम उनके साथ रहकर ज्यादा से ज्यादा समय गुजार सकते हैं और बच्चों के साथ गेम्स भी खेल सकते हैं। आप अपने घर पर रहकर घरेलू कामों में हाथ भी बंटा सकते हैं।
मैं चूंकि एक कलाकार हूं, इसलिए यही कहूंगा कि घर पर रहकर आप अपने आपको संगीत से जोड़िए। यह आपको आनंद के साथ-साथ राहत भी देगा। कलाकार होने के नाते घर में रहकर मेरा ज्यादा समय संगीत के साथ ही बीतता है।
अक्सर मैं ऑनलाइन सीनियर कलाकारों का म्यूजिक सुनता हूं। इससे सीखने को भी मिलता है। वैसे भी एक कलाकार के जीवन में सीखने की प्रक्रिया हमेशा चलती रहनी चाहिए। मैं नियमित रियाज करता हूं, क्योंकि रियाज के बगैर संगीत अधूरा है। एक कलाकार के लिए खाली समय गुजारने को रियाज से बेहतर कुछ भी नहीं है। अंत में एक अहम बात कि किसी भी तरह कोरोना वायरस को अपने ऊपर हावी न होने दें।
आत्मशक्ति और आत्मबल को कमजोर न पड़ने दें, क्योंकि यही दोनों आपको इस बीमारी से लड़ने की हिम्मत देंगे। यह लड़ाई बहुत मुश्किल है, हम सबको एकजुट होकर इस लड़ाई में जीतना है, वह भी अपने-अपने घरों में बंद रहकर। बहुत अवसर आएंगे आपस में मिलने-जुलने के, लेकिन यह अभी चुनौतियों भरा मुश्किल वक्त है। इसको घर में रहकर अगर हमने अच्छे तरीके से गुजार लिया, तो समझो हम यह जंग जीत गए। ऐसे समय में उन डॉक्टरों और पुलिस, प्रशासन का जिक्र जरूरी है, क्योंकि यही वे लोग हैं, जिनकी वजह से हम इस महामारी से बेहतर ढंग से लड़ पा रहे हैं।
वे भी हमारी तरह इंसान हैं, लेकिन वे जिम्मेदारी को बखूबी महसूस करते हुए बड़ी मुस्तैदी से अपना फर्ज निभा रहे हैं। मैं व्यक्तिगत तौर पर इन सबका तहे दिल से शुक्रिया अदा करूंगा। इस कोरोना जंग में जितनी प्रशासन की जिम्मेदारी है, उतनी ही हम सबकी भी है कि हम घर में रहकर अपना-अपना योगदान दें और यह पक्का इरादा करें कि चाहे कुछ भी हो जाए, हमें हर हाल में इस कोरोना पर काबू पाना है और विजयी होना ही है। यहां मुझे वह गीत याद आ रहा है- हम होंगे कामयाब एक दिन। अंत में जीत हमारी ही होगी। दूरियों की खूबसूरती को परख कर देखिए। अपनों से करीब होने का एहसास होगा। जिंदगी खूबसूरत है, कीमती है, इसे बचाइए, फिलहाल दूरियों से ही इसे सजाइए।