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देश आगे जा रहा है

Wed, 07 Jan 2015 07:14 PM IST
अल्पना शर्मा
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अचानक यह खबर फैल गई कि हमारा देश आगे बढ़ रहा है। पूछताछ की, तो पता चला कि नेताजी देश को आगे ले जा रहे हैं। मैंने सोचा, भला देश आगे कैसे जा सकता है? हमारे एक तरफ बंगाल की खाड़ी, एक तरफ हिंद महासागर, एक तरफ पाकिस्तान और एक तरफ हिमालय की चोटियां हैं। फिर भी मैं पता लगाने में जुट गई कि आखिर देश आगे कैसे बढ़ रहा है।
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काफी मशक्कत के बाद पता चला कि हमारे नेताजी श्रीलंका के छोर पर खड़े होकर भारत को आगे खिसका रहे हैं। वहां से नहीं खिसकता, तो वह कभी हिमालय पर्वत के पीछे से धक्का लगाते, तो कभी पश्चिम से पूर्व को धक्का लगाते हैं। मैं घबरा गई। मैंने उन्हें रोकते हुए कहा, नेताजी यह आप क्या कर रहे हैं। क्या देश को बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर में पटकने का इरादा है। वह बोले, आपको दिख नहीं रहा कि मैं देश को आगे ले जा रहा हूं। हमें जनता ने चुना ही इसलिए है कि हम देश को आगे ले जाएं। देखा नहीं, पिछली सरकार ने देश को कितना पीछे खिसका दिया है... और यह कहते हुए वह फिर से धक्का लगाने लगे।

देश को आगे खिसकाते समय नेताजी की हालत देखने लायक थी। उनके हाथ काले हो गए थे, क्योंकि देश में काले धन की मात्रा अधिक थी। उनका पूरा शरीर पसीने से भीग गया था। अपने सिर से पसीना पोंछकर वह उसे बंगाल की खाड़ी में निचोड़ रहे थे। फिर भी अपने काले हाथों से देश को धक्का देने में जुटे थे। मैं बोली, नेताजी क्यों अपना समय नष्ट कर रहे हैं। आपकी यह हरकत बिल्कुल बचकानी प्रतीत होती है। क्यों देश को झांसा दे रहे हैं?
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यह सुनना था कि उन्हें गुस्सा आ गया। कुर्ते की बांहों को ऊपर चढ़ाकर और नाक फुलाकर वह बोले, आप अपनी सीमा से बाहर जा रही हैं। आपे जैसे लोगों के कारण ही तो देश आज भी वहीं पड़ा है, जहां यह पहले था। यह कहकर वह उत्तर की तरफ दौड़े और वहां से बर्फीली चोटियों को धक्का देने लगे। मगर तभी उन्हें जनता का एक परिवार बनता दिखा। अब नेता जी देश आगे ले जाने का काम छोड़कर दिल्ली में अपना मोर्चा मजबूत करने के लिए रवाना हो गए हैं।
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