कलाकार कभी खाली नहीं होता, बल्कि उसे तो हमेशा एकांत की आवश्यकता महसूस होती रहती है। मैं आजकल डांस का रियाज कर रही हूं। इसके साथ-साथ अपनी तमाम नई-पुरानी चीजों को ऑनलाइन भी कर रही हूं। विद्यार्थियों को सिखा रही हूं।
कोई भी कला हो, उसमें नित नए प्रयोगों और अनुसंधानों की आवश्यकता सदैव बनी रहती है। इसके लिए शास्त्र और अन्य पुस्तकों को पढ़ना जरूरी है। इसलिए खाली समय में मैं पढ़ रही हूं और लिख रही हूं। इन सब कामों को करने में कैसे दिन बीत जा रहा है, पता ही नहीं लग रहा है।
मुझे लगता है कि सभी लोगों को इस खाली समय का सदुपयोग करना चाहिए। अपनी मानसिक क्षमता के हिसाब से हर किसी का अपना अलग तरीका होता है। आप अपना समय किसी भी तरह बिता सकते हैं। बस, इस बात का ध्यान रखें कि सकारात्मकता बनी रहे।
खाली दिमाग शैतान का घर होता है, इसलिए खाली न बैठें, किसी न किसी काम में खुद को व्यस्त रखें और कुछ न कुछ सकारात्मक करते रहें। आपको लगेगा कि आपमें ऊर्जा निरंतर बनी हुई है। बहुत मुश्किल से आपको यह समय, यह अवसर मिला है, इसलिए आप इसका लाभ उठाएं और जीवन में जो करना चाहते हैं, उस दिशा में विचार करें और कार्य करें, लेकिन यह सदैव ध्यान रखें कि आप जो भी कार्य करें, उसमें दिमागी तौर पर सकारात्मक बने रहें।
एकांत में चिंतन-मनन करने का भरपूर समय मिलता है। हम लोग रियाज करते हैं तो उसमें भी एक समय ऐसा आता है, जब हमें मनन करना पड़ता है। इसी तरह जीवन में भी कभी न कभी चिंतन-मनन करने का समय जरूर आता है। यहां तक कि भीड़ में रहते हुए भी अक्सर आप एकांत में चले जाते हैं। ऐसे में यह एक अच्छा अवसर मिला है, इसलिए एकांत का लाभ उठाएं और आत्मचिंतन-मनन करते रहें।
हमारे सामने चुनौतियां बहुत हैं, इसलिए हमें इन चुनौतियों का सामना बहुत ही सावधानी के साथ तथा मानवता को ध्यान में रखते हुए करना है। हर महामारी के बाद नई सुबह आई है। कोरोना के बाद आने वाली नई सुबह में भी हमें इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना है।
समूचे संसार में अमन और शांति स्थापित हो। सभी लोग सद्भावना, मैत्री और प्यार से एक-दूसरे के साथ रहें। विचार करें तो आपको पता लगेगा कि एक-दूसरे के प्रति आदर और सम्मान की भावना आज कहीं पीछे चली गई है।
हमारी वाणी में, व्यवहार में यह बदलाव साफ दिखाई देता है। इस शून्य को खत्म करने का यही सही समय है। अकेले में आप इस पर विचार करें और इस गतिरोध को खत्म करने के बारे में भी सोचें। जरा याद कीजिए कि परिवार और अपनों के साथ आपने कब समय बिताया था।
अब वक्त मिला है, तो उसका भरपूर उपयोग करें। घर-परिवार में अपनों के साथ समय बिताएं, उनकी सुनें और अपनी सुनाएं। उनके साथ भोजन करें, खेलें और मनोरंजन करें। अपनी पुरानी यादों को समेटें-संजोएं। कोरोना न फैले, इसके लिए सरकार ने त्वरित और सराहनीय कदम उठाए हैं। अपने देश के लोग भी बहुत समझदार और जागरूक हैं। उन्होंने सरकार के कदमों का पूरा समर्थन किया है।