आज पूरे विश्व में कोविड-19 की वजह से प्रलय की स्थिति बनी हुई है। अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और कई अन्य शक्तिशाली और सामर्थ्यवान देश इस वैश्विक महामारी के सामने घुटने टेक रहे हैं। लेकिन इस मुश्किल समय में सबसे पहले हमें अपनी हिम्मत नहीं हारनी है और इस समय को सकारात्मक रूप से बिताना है।
हर मुश्किल आपको एक अवसर देता है। मुझे इस समय दिल्ली में अपने माता-पिता के साथ रहने का अवसर मिल रहा है। मेरे कार्यक्रम देश-विदेश में होते रहते हैं, जिसकी वजह से मैं दिल्ली में बहुत कम रह पाती हूं। मेरे पिता जी, जो मेरे गुरु भी हैं, से इस अवसर पर मुझे और भी बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है।
संगीत एक महासागर की तरह है, जिसमें सीखना कभी खत्म नहीं होता। दिन के दो-तीन घंटे पिता जी के साथ रियाज और बातचीत में निकल जाते हैं। अलग-अलग देशों में मेरे स्टूडेंट्स हैं। समय के अभाव के कारण मैं उन पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाती थी। अब मेरे पास खासा समय है, तो मैं उनको स्काइप के माध्यम से सिखाती रहती हूं।
मेरे भाई का परिवार ऑस्ट्रेलिया में रहता है, उनसे फेसटाइम पर लंबी-लंबी बातों का आनंद लेती हूं। जिन दोस्तों से लंबे समय से कोई संपर्क नहीं था, उनसे बात करके उनके हालचाल जानने का अवसर मिल रहा है। इसके अलावा किताबें पढ़ती हूं। यह समय रचनात्मक कार्यों को करने के लिए भी उपयुक्त है।
लिहाजा, रोज के रियाज के साथ-साथ संगीत सुनना, नई कंपोजिशन्स पर काम करना आदि भी इस समय खूब चल रहा है। यह परिवार के सदस्यों के साथ अपने प्रेम को प्रकट करने का सबसे अच्छा समय है। लंबे समय से ठहरी हुई बातचीत अब आराम से खाने की मेज पर हो सकती है। दिल में जो मतभेद पल रहे थे, उन्हें आपस में बैठकर सुलझा लेने का वक्त है।
इससे आपको अपार आनंद का अनुभव होगा। आप अकेले नहीं हैं, जो जिंदगी की जद्दोजहद में धीरे-धीरे सबसे दूर होते गए हैं। सबके पास जीवन के भ्रमपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कोई न कोई बहाना है। अब इस मोह से बाहर निकलने का वक्त है। जब तक कोरोना का संकट है, तब तक काम का कोई बहाना भी नहीं है।
इसलिए अपने पिता के साथ देश-दुनिया के हालात पर चर्चा करें। उन्हें बताएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं। भाई को बताएं कि उसका स्नेह आपके लिए कितना मायने रखता है। अगर दादा-दादी साथ हैं, तब तो आप अत्यधिक खुशकिस्मत हैं। उनके साथ बैठें। उन्हें समय दें। पुराने दोस्तों को फोन करें।
उनसे अपने दिल में छिपी शानदार यादें साझा करें। अपनी शिकायतों को कुछ दिन के लिए स्थगित कर दीजिए। इस वायरस ने हमें स्वावलंबी बनाया है। घर के सारे कामकाज- साफ-सफाई, खाना बनाना, बर्तन साफ करना जैसे सारे काम खुद करने की आदत डाल लें।
इस वक्त मैं रोज योग और प्राणायाम करती हूं। घर के पेड़-पौधों को खाद-पानी देने जैसे कामों में बहुत आनंद आ रहा है। आप भी जीवन का आनंद लें और हिम्मत न हारें। इस कोरोना रूपी काली रात से घबराएं नहीं। इंतजार करें, सुनहरी सुबह जल्द ही वापस आएगी। (लेखिका मशहूर शास्त्रीय गायिका हैं।)