एक अध्ययन में पाया गया है कि सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाला स्प्रे उतना ही हानिकारक है, जितना नियमित रूप से धूम्रपान करना। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि स्प्रे के नियमित इस्तेमाल से फेफड़े में संक्रमण की बीमारी हो सकती है।
नार्वे स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ बर्गेन के शोधकर्ताओं ने यूरोपीय समुदाय श्वसन स्वास्थ्य सर्वेक्षण के दौरान 6235 भागीदारों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। सर्वे में शामिल भागीदारों की औसत आयु 34 वर्ष थी। शोधकर्ताओं ने इनके 20 वर्ष के आंकड़ों पर अध्ययन किया है।
विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सेसिल सैवेनेस ने कहा कि सफाई स्प्रे के रसायन कम समय में ही तेजी से असर दिखाते हैं। हम इसके इस्तेमाल से लंबे समय तक पड़ने वाले प्रभावों के बारे में नहीं जानते हैं। हमारा मानना है कि इस तरह के रसायन दिन प्रति दिन हवाओं को दूषित करते हैं।
अध्ययन में पाया गया है कि इससे नियमित रूप से धूम्रपान करने की तुलना में फेफड़े के संक्रमण की बीमारी अधिक होती है। खासकर महिलाओं में, जो सफाई स्प्रे का इस्तेमाल प्रतिदिन करती हैं।