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चिंता मनी-39: एड ऑन मोटर इंश्योरेंस कवर क्या है?

नारायण कृष्णमूर्ति, आर्थिक सलाहकार Published by: Amit Mandal Updated Fri, 25 Sep 2020 04:42 AM IST
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इंश्योरेंस पॉलिसी - फोटो : pixabay

रविंदर पाल सिंह के पड़ोसी की कार पानी में फंस गई, जिससे उसके इंजन ने काम करना बंद कर दिया। उन्हें कार की मरम्मत कराने में 50,000 रुपये खर्च करने पड़े। रविंदर जानना चाहते हैं कि कार इंश्योरेंस के तहत इन मामलों को कवर क्यों नहीं किया जाता। पहले कार में सिर्फ अपने से हुए नुकसान का ही इंश्योरेंस था, पर अब इंश्योरेंस कवर का दायरा बढ़ाया गया है। आज एड ऑन कवर्स है, जिसे आप कार इंश्योरेंस कवर में शामिल कर सकते हैं। आज इंजन प्रोटेक्शन, जीरो डिप्रिशिएशन और नो क्लेम बोनस प्रोटेक्शन जैसी सहूलियतें हैं। यहां हम कुछ विकल्पों और उनके फायदों पर विचार करेंगे, जिन्हें एक मान्य कार इंश्योरेंस के तहत कवर नहीं किया जाता। 



इंजन प्रोटेक्शन-कार इंश्योरेंस में इंजन प्रोटेक्शन कवर को शामिल करने से इंजन और उसके किसी भी हिस्से में हुए नुकसान की मरम्मत के खर्च का आपको कवर मिलता है। लुब्रिकेटिंग ऑइल के रिसने, इंजन में पानी चले जाने, हाइड्रोस्टैटिक लॉक (जब आप भीगे इंजन को स्टार्ट करने की कोशिश करते हैं), गियरबॉक्स की परेशानी के कारण इंजन में खराबी आ जाती है।

लाभ-अगर आप किसी ऐसे इलाके में रहते हैं, जहां मानसून के कारण जल जमाव की समस्या आम है, तो यह कवर आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। यह कवर पानी घुसने से इंजन में आई खराबी को कवर करता है। याद रखें कि जब आपकी कार पानी में डूब जाए, तो कार स्टार्ट करने की कोशिश कतई न करें, क्योंकि इंजन प्रोटेक्शन में भी इसे कवर नहीं किया जाता।


एनसीबी प्रोटेक्टर-एनसीबी या नो क्लेम बोनस कार इंश्योरेंस प्रीमियम का वह डिस्काउंट होता है, जिसका दावा इंस्योरेंस का दावा न करने की स्थिति में किया जा सकता है। यह खुद द्वारा किए गए नुकसान के इंश्योरेंस कवर का अधिकतम 50 फीसदी हो सकता है। पर अगर आपका एनसीबी दावा 50 फीसदी हो गया और उसी साल आपने इंश्योरेंस का दावा किया, तो आपका एनसीबी का दावा शून्य हो जाएगा। लाभ- यह कवर उस स्थिति में लाभदायक है, जब आप अपनी कार से लंबा ट्रैवल करते हैं और दुर्घटना आपकी गलती से नहीं होती। जीरो डिप्रिशिएशन-बड़े शहरों में यह दुर्लभ ही होता है कि किसी कार में कोई स्क्रैच या डेंट न हो। जब आप अपनी कार का पार्ट्स बदलते हैं, तो डिप्रिशिएशन या अवमूल्यन का आपकी जेब पर असर पड़ता है। जैसे, अगर दुर्घटना के कारण कार का बंपर बदलना पड़ता है, तो उसमें 10,000 रुपये का खर्च आता है, जबकि बीमा कंपनी आपको 5,000 रुपये ही देती है। यानी बाकी 5,000 रुपये आपको जेब से खर्च करने पड़ते हैं। 


लाभ-यह इस अर्थ में लाभदायक है कि कार के पार्ट्स बदलने की स्थिति में आपको अपनी जेब से खर्च नहीं करना पड़ता। यह कवर प्रायः कार खरीदने के पांच साल तक ही उपलब्ध रहता है। कंज्युमेबल कवर-दुर्घटना से संबंधित डैमेज के दावे के समय बोल्ट्स, नट्स, स्क्रू, वॉशर्स, ब्रेक फ्लुइड आदि की कीमत अदा करनी पड़ती है। इस एड्स ऑन ऑफर से दावा करते समय इन कंज्युमेबल्स की कीमत अदा नहीं करनी पड़ती। लाभ-महंगी कारों के मामले में यह बहुत उपयोगी साबित होता है, जिनमें मरम्मत की जगह पार्ट्स बदलने को तरजीह दी जाती है, और पार्ट्स काफी महंगे होते हैं। इसके अलावा और भी एड ऑन होते हैं, जैसे कि इनवॉयस प्रोटेक्शन, जो कि चोरी या कार के पूरी तरह डैमेज हो जाने की स्थिति में लाभदायक साबित होता है। रविंदर को उन्हीं एड ऑन कार इंश्योरेंस को लेने के बारे में सोचना चाहिए, जो उनकी नजर में जरूरी हैं।




 

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