हम जानते हैं कि जहां चीन ने पहले से ही परिष्कृत लंबी दूरी की निगरानी के लिए एक विशाल उपग्रह नेटवर्क तैनात कर रखा है, वहीं चीनी सैन्य विशेषज्ञों ने अब लाइटर-देन-एयर व्हीकल यानी गुब्बारे जैसे तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिन्हें उड़ाने के लिए हवा से हल्की गैस का इस्तेमाल होता है। घूमने वाले उपग्रहों या विमानों, स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप (अंतरिक्ष में उड़ने वाले विमानों) और अधिक ऊंचाई पर उड़ने वाले गुब्बारों के विपरीत ये एक निश्चित स्थान पर लंबे समय तक मंडरा सकते हैं और इन्हें रडार आसानी से पकड़ नहीं पाता। हालांकि किसी निश्चित जगह पर मंडराते रहना आसान नहीं होता, क्योंकि गुब्बारे वहीं जाएंगे, जहां हवा उन्हें ले जाएगी। इनमें शक्ति बढ़ाने की क्षमता भी नहीं होती, यानी एक निश्चित अवधि तक ही ये काम कर सकते हैं। नागरिक हवाई यातायात को नियंत्रित करने वाले रडार इसे आसानी से पकड़ लेते हैं।
गुब्बारे 60 से 70 हजार फीट की ऊंचाई पर होते हैं। यह अंतरिक्ष के निकट है, और इसे राष्ट्रीय वायु रक्षा क्षेत्रों और देशों के नियंत्रित हवाई स्थानों के अधिकार क्षेत्र से परे माना जाता है। यह बाह्य अंतरिक्ष संधि में भी दखल नहीं देता है। मैं समझता हूं कि इसका यही एकमात्र लाभ है। अपुष्ट खबर यह भी है कि इस तरह का एक गुब्बारा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के निकट भी देखा गया। चीनी शोधकर्ताओं- सैन्य और नागरिक, दोनों ने 'नियर स्पेस' या 'निकट अंतरिक्ष' के बारे में हजार से अधिक पेपर और रिपोर्ट्स लिखी हैं और इनमें से कई 'निकट अंतरिक्ष यान' के विकास पर केंद्रित हैं।
चीन ने एक शीर्ष सरकारी थिंकटैंक चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के अधीन उच्च ऊंचाई पर उड़ने वाले गुब्बारे और स्ट्रेटोस्फेरिक एयरशिप्स की डिजाइन और विकास के लिए एक शोध केंद्र स्थापित किया है। खबरें बताती हैं कि इन उच्च ऊंचाई में उड़ने वाले गुब्बारों को अमेरिका के वायु रक्षा नेटवर्क के कुछ हिस्से में देखा गया। एक अमेरिकी सैन्य कमांडर ने सोमवार को स्वीकार किया कि अमेरिका में 'डोमेन अवेयरनेस गैप' (निगरानी प्रणाली की खामी) है, जिसके कारण पिछले प्रशासन के दौरान भी तीन अन्य संदिग्ध चीनी जासूसी गुब्बारे अमेरिका से गुजरने में सफल हो गए थे। यह एक राजनीतिक बयान लगता है।
हालांकि यह बात सामने आई है कि अमेरिकी वायु सेना उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप में अपने पर्यावरण और रणनीतिक हितों को नुकसान पहुंचाए बिना उपकरण को नीचे लाने के तरीकों पर काम कर रही थी। यह पता चला है कि गुब्बारे को पूरी तरह से तुरंत रोकने के लिए इन मिशनों को पूरा करने के लिए कोई उपयुक्त विमान उपलब्ध नहीं था, क्योंकि नष्ट करने के बावजूद यह कई दिनों तक अंतरिक्ष में बना रह सकता है। फिर किसी उपग्रह को उसके मालिक की सहमति के बिना, जो कि उसके नियंत्रण क्षेत्र से बाहर है, नीचे लाए जाने का एक कानूनी पहलू भी है।
अंतरराष्ट्रीय नागरिक विमानन संगठन (आईसीएओ) के नियमों के मुताबिक चीनी नागरिक विमानन संगठन से यह अपेक्षित था कि वह इन गुब्बारों को उड़ाने से पहले एक 'नोटम' (अधिसूचना) जारी करता। ऐसा लगता है कि उसने ऐसा नहीं किया, जबकि वह आईसीएओ के सारे नियमों का हस्ताक्षरकर्ता है। हालांकि, एफबीआई की टीम समुद्र के ऊपर गिराए गए गुब्बारे से प्राप्त उपकरण से संबंधित और जानकारी जुटाने का काम कर रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि यह किस प्रकार का डाटा एकत्र कर सकता था और क्या उसे वास्तविक समय में प्रसारित करने में भी यह सक्षम था। चीन ने इस क्षेत्र में जो प्रगति की है, उसका एक उदाहरण 100 मीटर लंबी (328 फीट) मानव रहित हवाई पोत की खबरों में आई उड़ान है, जिसे 'क्लाउड चेजर' के रूप में जाना जाता है।
चीनी विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर का कहना है कि इस वाहन ने पृथ्वी से 20,000 मीटर (65, 616 फीट) ऊपर एशिया, अफ्रीका और उत्तर अमेरिका से होकर गुजरते हुए दुनिया भर की उड़ान भरी थी। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, एक सैन्य विशेषज्ञ ने बताया है कि कैसे 'नियर-स्पेस लाइटर-देन-एयर व्हीकल' (गुब्बारे) उपग्रहों की तुलना में कम लागत में सर्वे कर सकता है और उच्च रिजोल्यूशन वाली तस्वीरें और वीडियो भेज सकता है।
चीन की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी के एक विशेषज्ञ ने इन वाहनों को विकसित करने में अमेरिका, रूस और इस्राइल द्वारा की गई प्रगति पर प्रकाश डाला और बताया कि चीन ने भी इस दिशा में सफलता हासिल की है। इस टीम के एक अन्य वैज्ञानिक ने मीडिया को बताया कि उपग्रहों से तुलना करें, तो स्ट्रेटोस्पेरिक एयरशिप दीर्घकालीन सर्वेक्षण के लिए बेहतर होते हैं और आपदा चेतावनी तथा पर्यावरण अनुसंधान से लेकर वायरलेस नेटवर्क निर्माण और हवाई जासूसी करने में सक्षम होते हैं।
अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका में नजर आया चीनी गुब्बारा चीनी सेना द्वारा संचालित व्यापक निगरानी कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें गुब्बारों का एक बेड़ा शामिल है, जिसने हाल के वर्षों में कम से कम पांच महाद्वीपों में कम से कम दो दर्जन मिशनों का संचालन किया है। दूसरी ओर बीजिंग ने कहा कि अमेरिकी आकलन चीन के खिलाफ 'अमेरिका की सूचना और जनमत युद्ध' का संभावित हिस्सा है। उसका कहना है कि अमेरिका में नजर आया उपकरण नागरिक प्रकृति का है और यह निजी कंपनियों का है। लेकिन हम जिस बात को नजरंदाज नहीं कर सकते, वह यह है कि विश्व समुदाय के प्रति चीन का रवैया अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल और प्रथाओं के अनुरूप नहीं है। एक स्वतंत्र रूप से उड़ता हुआ गुब्बारा खतरनाक होता है। इस हरकत के लिए उसे सार्वजनिक रूप से दंडित करने की आवश्यकता है।