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चालीस का चैंपियन

Fri, 13 Sep 2013 08:25 PM IST
हेमेन्द्र मिश्र
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टेनिस को करीब से जानने वाले 2003 के जनवरी में हुए ऑस्ट्रेलियन ओपन की महत्ता बखूबी पहचानते होंगे। उस टूर्नामेंट में एकल, युगल और मिश्रित युगल की महानतम जीवित खिलाड़ी मानी जाने वाली मार्टिना नवरातिलोवा ने मिश्रित युगल का खिताब जीता था; वह भी 46 वर्ष की उम्र में। 40 वर्ष से अधिक उम्र में ग्रैंड स्लेम जीतने वाली वह एकमात्र महिला हैं।
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उसी वर्ष लंदन के ग्रास कोर्ट (विंबलडन) में उन्होंने यह कारनामा दोहराया भी था। तब खेलप्रेमियों को यह शायद ही एहसास रहा होगा कि इन दोनों मुकाबलों में उनका साथ निभाने वाले लिएंडर पेस खुद एक दिन यह उपलब्धि हासिल करेंगे।

वह भी तब, जब इन दोनों ग्रैंड स्लेम जीतने के बाद सिर में तेज दर्द से परेशान लिएंडर को लेकर डॉक्टरों ने ट्यूमर का अंदेशा जताया था। लेकिन वह कैंसर नहीं, पैरासिटिक इन्फेक्शन था, जिससे निजात पाने के लिए उन्हें अस्पताल के जमकर चक्कर लगाने पड़े। आठ युगल ग्रैंड स्लेम सहित 14 खिताब जीतने वाले और लगातार छह ओलंपिक में भाग लेने वाले एकमात्र टेनिस खिलाड़ी लिएंडर की यह जिजीविषा ही है कि वह सभी मुश्किलों से लड़े।
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लिएंडर बचपन में फुटबॉल का बेहतरीन स्ट्राइकर बनने का सपना देखा करते थे, पर जब उन्होंने पिता वेस पेस (अंतरराष्ट्रीय स्तर के पूर्व हॉकी खिलाड़ी) के ओलंपिक मेडल देखे, तो उन्होंने भी ओलंपिक पदक जीतने का ख्वाब पाल लिया।

लेकिन यह फुटबॉल में मुमकिन नहीं था, लिहाजा पिता की सलाह पर ही उन्होंने रैकेट पकड़ा। और फिर शॉट्स की ऐसी झड़ी लगी कि प्रोफेशनल खेल शुरू होने से पहले ही वह जूनियर यूएस ओपन और जूनियर विंबलडन का खिताब जीतकर जूनियर रैंकिंग के शीर्ष पर जा पहुंचे।

वर्ष 1996 में अटलांटा ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले लिएंडर बेहतरीन ड्रॉपशूटर होने के साथ-साथ वॉलियर (तेजी से भागते हुए कोर्ट की चौड़ाई नापना और बॉल पर तेज प्रहार करना) भी हैं। बेस लाइन से खेलकर अन्य खिलाड़ियों की तुलना में नेट पर जल्दी आना और हल्के शॉट मारना भी उनकी शैली को समृद्ध बनाता है।

लेकिन सिर्फ यही उन्हें सिरमौर नहीं बनाता। वह नेकदिल भी हैं और हास-परिहास भी बखूबी करते हैं। इसकी झलक इससे भी मिलती है कि जब 40 की उम्र में उन्होंने यूएस ओपन का ग्रैंड स्लेम जीता, तो यह कहना नहीं भूले कि ‘उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है, जिस पर मैं मुस्कराता हूं।’
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- हेमेन्द्र मिश्र
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