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आकर न जाए... वह 'नेता' देखा!

Thu, 16 Jan 2014 06:38 PM IST
प्रकाश पुरोहित
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चीन की बड़ी तारीफ होती है कि हम से कहीं आगे निकल गया है। क्या खाक आगे निकल गया है...वहां की कम्युनिस्ट पार्टी को यह चेतावनी देनी पड़ रही है कि नेताओं की पत्नी और रिश्तेदार रिश्वत से दूर रहें! जो काम हम बरसों पहले छोड़ चुके हैं, चीन अब करने जा रहा है।
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यदि पत्नी और रिश्तेदार रिश्वत लेने-देने लग पड़ें, तो नेता की क्या साख रह जाएगी! नेता हैं, इतनी बड़ी पार्टी चला रहे हैं, तो इतना सलीका तो आ ही जाना चाहिए कि स्विस बैंक में पैसा कैसे जमा कराया जाता है। नेता के घोषणापत्र उठाकर देख लीजिए...नेता के नाम पर कार नहीं है, तो पत्नी के नाम पर एक अदद घर भी नहीं है। इतने कम पैसे हैं उनके खाते में कि आम आदमी का तो राजनीति से मोह ही भंग हो जाए। इतना पैसा तो आदमी दस से पांच की नौकरी में ही कमा लेता है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ठीक कह रही है। जब नेता खुद रिश्वत लेने के काबिल हो, तो घर-परिवार को क्यों बदनाम करना। पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भरोसा होना चाहिए...क्योंकि ये ही तो आगे चलकर नेता बनने वाले हैं। हमारे यहां तो पत्नी को पता ही नहीं चलने दिया जाता कि उसके अकाउंट में कितना पैसा जमा है। नेताओं के घरों के खाते बाजार में चलते हैं और जहां ऐसा इंतजाम नहीं हो पाता है, वहां अफसर खुले मन और जेब से तैयार रहते हैं भुगतान करने के लिए।
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आपने देखा होगा कि नेता का परिवार अमूमन उसी समय खरीदारी का मूड बनाता है, जब नेता जी दौरे पर होते हैं। फिर यह फर्क भी नहीं देखा जाता कि शहर कितना बड़ा या छोटा है, क्योंकि सोने-हीरे के भाव तो सभी जगह एक जैसे होते हैं और कौन अपने को जेब से देना है कि बाजार भाव देखें। अफसरों को साथ ही इसलिए लिया जाता है कि नेता के परिवार को भुगतान का दर्द न होने पाए। परिवार एक दिन खरीदारी करता है और अफसर अपने पूरे कार्यकाल में भुगतान करता रहता है।

चीन इस मामले में इतना पिछड़ा है कि अभी चेतावनी से ही काम चला रहा है। हमारे नेताओं ने तो यह सत्य पहले ही समझ लिया था, इसीलिए उनका पूरा ध्यान परिवार को टिकट दिलाने पर होता है। एक बार चुनाव जीत गए, तो लग जाएंगे हमेशा के लिए धंधे से। लेकिन चीनी इस मामले में कितने अनुभवहीन हैं! पत्नी और रिश्तेदारों की रिश्वतखोरी के कारण अगर राजनीति छोड़नी पड़ जाए, तो बेहतर है कि ऐसा शख्स राजनीति में आए ही नहीं। एक बार  राजनीति में आने के बाद कोई जाता भी है भला!
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