दो बार बुकर पुरस्कार जीतने वाली ब्रिटिश उपन्यासकार हिलेरी मेंटल पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में हैं। वजह है रॉयल प्रिंसेस केट मिडिलटन पर की गई उनकी टिप्पणी। यह सुर्खियां और विवाद इसलिए भी ज्यादा बढ़ गए हैं, क्योंकि लेखिका ने अपनी टिप्पणी पर किसी भी तरह की सफाई देने से मना कर दिया है। बात बीते माह की है।
मेंटल के हाल ही में आए उपन्यास ‘ब्रिंग अप द बॉडीज’ के कोस्टा प्राइज जीतने के बाद लंदन रिव्यू ऑफ बुक्स ने ब्रिटिश म्यूजियम में उनका एक लेक्चर आयोजित किया था। इस दौरान हिलेरी ने केट के बारे में बात करते हुए कहा कि उनके व्यक्तित्व में कोई खास बात नहीं है। उनकी हंसी में भी एक बनावट है।
इस बयान पर हिलेरी की काफी आलोचना की गई। इसी मुद्दे पर एक इंटरव्यू के दौरान हिलेरी ने कहा कि उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से उनके शब्दों को घुमा-फिराकर इस्तेमाल किया जा रहा है। हिलेरी की मानें तो, उनका लेक्चर शाही परिवार के समर्थन में था।
हिलेरी का कहना है, ‘जब मैंने डचेस ऑफ कैम्ब्रिज के बारे में उन शब्दों का इस्तेमाल किया था, तब मैं उनके बारे में टेबलॉयड प्रेस द्वारा स्थापित की गई धारणा के बारे में बात कर रही थी।’ हिलेरी के मुताबिक उन्होंने लेक्चर पूरा होने के बाद प्रेस से यह निवेदन किया था कि शाही परिवार के लोगों के बारे में वह भावशू्न्य होकर व्यवहार न करें। केट के बारे में कहने का मेरा मतलब यह था कि मीडिया इस युवा महिला के साथ भी वह न करें, जो उन्होंने डायना के साथ किया था।
इंटरव्यू के दौरान हिलेरी ने कहा कि ‘मेरे लेक्चर का पूरा सार यह था कि लोग शाही परिवार के लोगों को सुपरह्यूमन यानी किसी महामानव की तरह न मानें और न ही किसी इनसान से कम करके आंकें। हिलेरी के मुताबिक ‘मुझे बिलकुल नहीं लगता कि मैंने कहीं कुछ ऐसा कहा, जिस पर सफाई देने की जरूरत है।’
इसके अलावा हिलेरी ने यह उम्मीद भी जाहिर की है कि केट इतनी समझदार महिला हैं कि वह उनके लेक्चर को पढ़ने और सुनने के बाद यह अच्छे से समझ सकती हैं कि इसमें उनके बारे में कुछ भी गलत नहीं था।