इन दिनों पूरे देश में लोकसभा चुनाव की तैयारियां और प्रचार अभियान की गहमागहमी तेज है। सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए आज प्रचार अभियान का शोर थम जाएगा। उत्तर भारत में आम तौर पर कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है, लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि इस बार केंद्र में नई सरकार के गठन में दक्षिण के राज्यों की भी अहम भूमिका रहेगी। और उसमें भी आंध्र प्रदेश की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
आंध्र प्रदेश की राजनीति आजकल बहुत गर्म है और दिलचस्प भी। यहां 11 अप्रैल को 25 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों और 195 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान होगा। यहां के दो प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जगन मोहन रेड्डी और चंद्रबाबू नायडू की रैलियों में भारी भीड़ उमड़ रही है। पर जगन मोहन रेड्डी के साथ सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पहली बार मतदान करने वाले युवा मतदाता उनके साथ हैं।