बच्चों के स्वास्थ्य में पर्यावरण की महत्वपूर्ण भूमिका
- फोटो : Social media
बच्चों की शिक्षा और पर्यावरण
हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था में पर्यावरण का विशेष स्थान है। पर्यावरण को देश के विभिन्न संस्थाओं के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जा रहा है। देश की नई शिक्षा नीति में पर्यावरणीय शिक्षा पर विशेष रूप से जोर दिया गया है। आवश्यकता है इसको समयानुकूल इसे सही रूप से अमलीजामा पहनाया जाए और प्राथमिक स्तर पर भी पर्यावरणीय शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। बच्चों को पर्यावरण संरक्षण और नियमन की शिक्षा प्रभावी रूप से दी जाए ताकि वो प्रकृत्ति से हो रहे खिलवाड़ के नुकसानों को समझ सकें और इस तरह वह पर्यावरण के प्रति सजग रहेंगे और आगे चलकर एक जिम्मेदार नागरिक बन समाज के लिए आदर्श स्थापित करेंगे। यह बात यह सत्यापित करती है कि हम अपने पर्यावरण को तभी संरक्षित कर सकते हैं जब हम अपने बच्चों को पर्यावरण से सार्थक रूप से जोड़ेंगे।
पर्यावरण और बच्चों का स्वास्थ्य
इसमें कोई शंका नहीं है और विज्ञानं भी यह प्रमाणित करता है कि बच्चों के स्वास्थ्य में पर्यावरण एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक स्वच्छ पर्यावरण बच्चों को रोगों से दूर रखता है। इसलिए जरुरी है कि हम एक सभ्य नागरिक की जिम्मेदारी निभाते हुए अपने पर्यावरण को स्वच्छ रखें और उसे किसी भी प्रकार की हानि न पहुंचाएं। वृक्षारोपण करें। हवा को दूषित न करे। कोरोना के इस दौर में और भी जरुरी हो जाता है कि हम अपने घरों और आसपास में सफाई का विशेष ध्यान रखें। एक बात हमेशा ध्यान रखें कि एक स्वच्छ पर्यावरण ही आपको और आपके बच्चों को निरोग रखने में सहायता करेगा
पर्यावरण में बच्चों की रुचि और जिज्ञासा
स्वीडन की एक पर्यावरण कार्यकर्ता नाम है ग्रेटा थनबर्ग जिसने पर्यावरण के प्रति अपने जूनून से दुनिया को चौंका दिया। 11 दिसम्बर 2019 को ग्रेटा को 'टाइम पर्सन ऑफ़ द ईयर' पुरस्कार से नवाजा गया। हमें भी अपने देश में ऐसे ही जुनूनी बच्चों की पहचान करनी होगी। हमें उन बच्चों को आगे लेकर उन्हें मंच देना होगा जिनके मन में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति प्रेम और जूनून हैं। जो प्रकृति और पर्यावरण की धरोहरों को संजो कर रखना चाहते हैं। हमें अपने बच्चों के मन में पर्यावरण के प्रति रूचि और जिज्ञासा को जगाना होगा। आखिर यह बच्चे ही आने वाले समय में दुनिया की दिशा और दशा में अपनी भूमिका निभाएंगे।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।