आज के समय में कोरोना महामारी के अलावा अगर कोई चीज दुनिया में सबसे ज्यादा फैल रही है तो वो है नशे की लत। यह एक रोग की तरह है, जो लोगों को धीरे-धीरे मौत की नींद सुला रहा है।
पंजाब की एक बेबस 70 वर्षीय महिला ने मीडिया को आपबीती सुनाते हुए कहा कि उसका बेटा नशे से मर गया, बेटी ने भी आत्महत्या कर ली, उसके दो नाती भी नशे के आदी हो चुके हैं। इस उम्र में मुश्किल से चलने वाली इस औरत पर बेटे के 3 व बेटी के 2 बच्चों का पालन-पोषण करने की जिम्मेदारी है और वह लोगों के घरों में बर्तन साफ करने का काम करती है।
नशे का धंधा करने वाले एक व्यक्ति के पांव तले उस समय जमीन खिसक गई जब उसे पता चला कि उसकी पत्नी और बेटी ने भी ड्रग्स लेना शुरू कर दिया है।
मेरे पास पैसे नहीं थे न ही मैं नशा करना चाहता था, लेकिन फिर भी मैं नशे का आदी बन गया। ये कहानी नशे के चंगुल में फंसे किसी एक युवक की नहीं, ऐसे असंख्य युवक हैंं जो पढ़ाई-लिखाई के दौरान इस जाल में फंस जाते हैं। दोस्तों के बीच में यदि कोई एक भी नशा करता है तो वह अन्य साथियों को भी इस दलदल में धकेल देता है।
शुरुआत में पैसे न होने पर भी अन्य साथी नशे की डोज दिला देते हैं तो कुछ इसलिए उकसाते हैं ताकि दूसरे के पैसों से खरीदे नशे से वे भी नशे की अपनी खुराक ले सकें। शुरू में नशा करने वाले दोस्त यही कहते हैं कि एक बार लेकर देख... सभी चिंताओं से मुक्ति मिल जाएगी, शरीर एकदम रिलैक्स हो जाएगा आदि।
ऐसी बातें ही युवाओं को नशेड़ी बना रही हैं। पहले दोस्त ही दोस्त का घर आबाद करने में फर्ज समझते थे, लेकिन अब दोस्त ही दोस्त का घर बर्बाद कर रहे हैं। क्योंकि दोस्तों की बात आजदिन तक किसी ने नहीं टाली अब तो फैशन व ग्लैमर की दुनिया में युवतियां, बच्चे व अधेड़ आयु के लोग भी नशे की लत के शिकार हो रहे हैं।
कुछेक वर्ष पहले तक केवल शराब, धूम्रपान व गुटखा आदि नशे ही चरम पर थे, लेकिन अब तो अफीम, चरस, कोकीन व सिंथेटिक ड्रग आदि जैसे मादक पदार्थों का धंधा बड़े पैमाने पर फलफूल रहा है।
संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (यूएनओडीसी) के साल 2017 में जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार 15 से 64 आयु वर्ग के 27 करोड़ से ज्यादा लोगों ने ड्रग्स का इस्तेमाल किया। इसी काल में ड्रग्स के इस्तेमाल से 5 लाख 85 हजार लोगों की मौत हुई और इसमें दो-तिहाई मौतों की वजह नशीले पदार्थो का सेवन था।