फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला आरक्षण अधिनियम विशेष: 21वीं सदी के लोकसभा में महिला सांसदों का सूरत-ए-हाल

सार

2024 की मौजूदा लोकसभा की यदि बात करें तो सबसे अधिक महिला सांसद बंगाल से जीत कर आईं हैं। बंगाल से 11 महिला सांसद निर्वाचित हुई हैं और सभी तृणमूल कांग्रेस से।
विज्ञापन
लोकसभा में अमित शाह - फोटो : संसद टीवी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

21वीं सदी के लोकसभा में यदि महिला सांसदों की संख्या पर नजर दौड़ाएं तो 2004 में 45 महिला सांसद निर्वाचित हुई थीं। इसके बाद 2009 में 59 महिलाएं, 2014 में 62 महिलाएं, 2019 में 78 महिलाएं और 2024 में 74 महिलाएं चुनाव जीत कर आईं थीं।

विज्ञापन


21वीं सदी में पांच लोकसभा चुनावों में कुल 228 महिला सांसद निर्वाचित हुई हैं। पूरी सदी में अभी तक का यह आंकड़ा 41.98 फीसदी है। यानी पांच लोकसभा चुनावों के परिणाम से 33 फीसदी का आंकड़ा पार होता है।

2024 की मौजूदा लोकसभा की यदि बात करें तो सबसे अधिक महिला सांसद बंगाल से जीत कर आईं हैं। बंगाल से 11 महिला सांसद निर्वाचित हुई हैं और सभी तृणमूल कांग्रेस से।
विज्ञापन


इसके बाद दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र है, जहां से सात-सात महिला सांसद निर्वाचित हुई हैं। तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश है, जहां से छह महिला निर्वाचित हुई हैं और सभी बीजेपी से।

बिहार और तमिलनाडु से पांच-पांच, गुजरात और ओडिशा से चार-चार, कर्नाटक, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से तीन-तीन, तेलंगाना, झारखंड और दिल्ली से दो-दो और केरलम, असम, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा और दादर नगर हवेली - दमन दीव से एक-एक महिला महिला सांसद निर्वाचित हुई हैं।

सात राज्यों और छह केंद्र शासित प्रदेशों से एक भी महिला सांसद चुनकर मौजूदा लोकसभा में नहीं आई हैं। सात राज्य हैं- गोवा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश। छह केंद्र शासित प्रदेश हैं- जम्मू कश्मीर, लद्दाख, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़, लक्षद्वीप और पुद्दुचेरी। इन सात राज्यों से 11 और छह केंद्र शासित प्रदेशों से 10 यानी कुल 21 सांसद चुनकर लोकसभा में आते हैं।

पार्टी-वार यदि महिला सांसदों का प्रतिनिधित्व देखें तो सर्वाधिक महिला सांसद बीजेपी से 32 हैं। कांग्रेस दूसरे स्थान पर 14 और तीसरे स्थान पर तृणमूल कांग्रेस की 11 महिला सांसद हैं। समाजवादी पार्टी के पांच, डीएमके के तीन और अपना दल, एनसीपी शरद पवार, जदयू, राजद, वाईएसआर कांग्रेस, टीडीपी, जेएमएम और संयुक्त अकाली दल की एक-एक महिला सांसद हैं।

बहरहाल, महिला आरक्षण अधिनियम 2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को 16 अप्रैल 2026 से भारत सरकार के राजपत्र के माध्यम से आधिकारिक रूप से लागू कर दिया गया है। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी सीटें आरक्षित होंगी, लेकिन यह लागू परिसीमन प्रक्रिया के बाद ही होगा, जिसके 2034 तक पूरी तरह अमल में आने की संभावना है।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें