इसी वर्ष 73 राज्यसभा सीटो के चुनाव भी होने हैं। राज्यसभा सीटों के चुनाव में भी कांग्रेस को लाभ होता नहीं दिख रहा है।
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चुनौतियों से क्यों घिरी हुई है कांग्रेस?
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद लगता है कि कांग्रेस के लिए 2020 की साल अच्छा नहीं रहेगा। इसी साल बिहार विधानसभा के भी चुनाव होने हैं जहां भाजपा जनता दल (यू )का मजबूत गठबंधन सरकार में है। उसके मुकाबले बिहार में कांग्रेस कुछ खास कर पाएगी ऐसा प्रतीत नहीं होता है।
इसी वर्ष 73 राज्यसभा सीटो के चुनाव भी होने हैं। राज्यसभा सीटों के चुनाव में भी कांग्रेस को लाभ होता नहीं दिख रहा है। राज्यसभा में फिलहाल कांग्रेस के पास 46 सीटें हैं। इस साल राज्यसभा में कांग्रेस की 17 सीटें खाली होगी उनमें से कांग्रेस 11 सीटें ही जीत पाएगी।
इस तरह देखें तो कांग्रेस को राज्यसभा में 6 सीटों का नुकसान होने वाला है। हालांकि कांग्रेस को राजस्थान में दो, मध्य प्रदेश में एक, छत्तीसगढ़ में दो व गुजरात में एक सीट का फायदा होगा। लेकिन उसे आंध्र प्रदेश में दो, अरुणाचल प्रदेश में एक, असम में एक, हिमाचल प्रदेश में एक, कर्नाटक में एक, उत्तर प्रदेश में एक, उत्तराखंड में एक, मेघालय में एक, मिजोरम में एक व ओडीशा में एक सीट का घाटा भी होगा।
इस वर्ष के राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, गोवा,अरूणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडीशा, दिल्ली, पुड्डुचेरी सहित 11 प्रदेशों में पूरी तरह साफ हो जाएगी।
राज्यसभा में कांग्रेस को मिलने वाली 11 सीटों पर दावेदारों की लंबी कतार लगी हुई है। लोकसभा और विधानसभा में पराजित हुए सभी बड़े नेता राज्य सभा के रास्ते संसद में पहुंचना चाहते हैं, इसीलिए सभी नेता अपने लिए लॉबिंग करने में जुटे हैं।
राज्यसभा से रिटायर हो रहे वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा, दिग्विजय सिंह, राज बब्बर, कुमारी शैलजा, टी सुब्बारामी रेड्डी, हुसैन दिलवई, मधुसूदन मिस्त्री फिर से अपनी सीट पक्की करना चाहते हैं।
हरियाणा में कांग्रेस एक सीट जीतने की स्थिति में है। जहां से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपने पुत्र दीपेंद्र हुड्डा को राज्यसभा में भेजना भेजना चाहते हैं। वही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा की मौजूदा सदस्य कुमारी शैलजा फिर से टिकट पाने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला भी राज्यसभा में जाकर अपनी सुविधाएं बरकरार रखने का प्रयास कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में कांग्रेस दो सीटें जीतने की स्थिति में है। वहां पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक बार फिर राज्यसभा में जाना चाहते हैं। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अरुण यादव, सुरेश पचौरी, मीनाक्षी नटराजन जैसे दर्जनों नेता है जिनकी नजर राज्यसभा टिकट पर लगी हुई है।
कर्नाटक में कांग्रेस अपने दम पर एक सीट जीतने की स्थिति में है। वहां पूर्व केंद्रीय मंत्री मलिकार्जुन खडगे, वीरप्पा मोइली, बीके हरिप्रसाद, सलीम अहमद जैसे नेताओं की लंबी लाइन लगी हुई है। गुजरात की दो सीटों पर मधुसूदन मिस्त्री, दीपक बावरिया, शक्ति सिंह गोहिल, राजीव शुक्ला, राज बब्बर प्रयास कर रहे हैं।
इसके अलावा तारिक अनवर, सुबोध कांत सहाय, जितिन प्रसाद, आरएनपी सिंह, हरीश रावत, के सी वेणुगोपाल, भंवर जितेंद्र सिंह, गिरीजा व्यास, रुचि डालमिया, अविनाश पांडे, पृथ्वीराज चौहान, मिलीन्द देवड़ा, सुशील कुमार शिंदे, मुकुल वासनिक, हुसैन दिलवई, राजीव सावंत, डॉ.चन्द्रभान, दुरू मियां, अश्कअली टाक, रामेश्वर डूडी सहित काफी संख्या में कांग्रेस के पुराने व वरिष्ठ नेता राज्यसभा टिकट पाने को प्रयासरत हैं।
कांग्रेस पार्टी को चाहिए कि पूर्व के चुनाव में जनता द्वारा नकारे गए वर्षों से सत्ता व संगठन में काबिज नेताओं के बजाए ऐसे युवा चेहरों को राज्यसभा में मौका देना चाहिए जिनका अपने राज्यों में जमीनी स्तर पर प्रभाव हो और जो पूरी दक्षता से संगठन के कार्य कर रहे हों।
कांग्रेस पार्टी में महासचिवों के अलावा प्रदेशों के प्रभारी, राष्ट्रीय सचिव, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव के पदों पर कई ऊर्जावान नेता काम कर रहे हैं। यदि कांग्रेस पार्टी उनमें से कुछ लोगों को राज्यसभा में लाकर नया नेतृत्व देती है तो यह कांग्रेस के लिए अच्छी बात होगी।
इससे कांग्रेस के प्रति युवाओं का आकर्षक बढ़ेगा। साथ ही संगठन के प्रति समर्पित लोगों को एक संदेश मिलेगा कि जो भी पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता पार्टी हित में अच्छा काम करेगा उसे सत्ता में भी भागीदार बनाया जाएगा।
नए लोगों के आगे आने से पुरानी हो चुकी कांग्रेस पार्टी एक बार फिर एक नए जोश व नई सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करेगी, जिससे हो सकता है आने वाला समय कांग्रेस के लिए सकारात्मक हो। इससे देश की जनता में भी कांग्रेस एक अच्छा सकारात्मक संदेश देने में कामयाब हो सकेगी, जिसका फायदा कांग्रेस को भविष्य में मिल सकता है।
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