पिछली सदी में समुद्र के बढ़ते जलस्तर और शहर के अपने बोझ की वजह से ऐतिहासिक शहर वेनिस लगातार बाढ़ की चपेट में आता रहा है। समुद्र का जलस्तर आने वाली सदियों तक बढ़ता रहेगा। विशाल बांध व पंपिंग प्रणाली से लैगून को सुरक्षित करना संभव है, पर इससे लैगून का प्राकृतिक जीवन खतरे में पड़ सकता है।
अपने डेढ़ हजार साल के इतिहास में वेनिस समुद्र के साथ मिल-जुलकर रहता आया है और ऐसा शायद यह अकेला शहर है, जो धरती के किसी भी अन्य तटीय शहर की तुलना में अब तक बेहतर ही रहा है। मगर पिछली सदी में समुद्र के बढ़ते जलस्तर और शहर के अपने बोझ की वजह से यह ऐतिहासिक शहर लगातार बाढ़ की चपेट में आता रहा है।
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हाल में किए गए एक अध्ययन में वेनिस को बचाने के लिए उपलब्ध विभिन्न उपायों का विश्लेषण किया गया। इनमें मौजूदा चलित अवरोध प्रणाली को जारी रखना, शहर को उसके लैगून (विशाल उथले जलक्षेत्र) से अलग करने के लिए गोलाकार बांध बनाना, पूरे लैगून को विशाल सुरक्षा तंत्र से घेरना व अंतिम स्थिति में आबादी के बड़े हिस्से को दूसरी जगह बसाने जैसे विकल्प शामिल हैं। वेनिस को बाढ़ से बचाने के लिए पहले ही मोसे अवरोध प्रणाली तैयार की जा चुकी है।
फिलहाल इस प्रणाली ने बाढ़ के खतरे को काफी हद तक नियंत्रित किया है, लेकिन इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। 2020 से 2025 के बीच इस प्रणाली को 108 बार उच्च जलस्तर के दौरान बंद किया गया था, जबकि 2026 के पहले दो महीनों में इसे 30 बार बंद किया गया। इससे कई समस्याएं खड़ी हो रही हैं। बार-बार बंद होने से जहाजों की आवाजाही पर असर पड़ेगा। कहने का मतलब है कि एक ऐसी प्रणाली, जिसे केवल कभी-कभार सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया था, वह एक अर्ध-स्थायी अवरोध बनने का जोखिम उठा रही है, जबकि इसका उद्देश्य कभी भी ऐसा नहीं था।
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विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र का स्तर आने वाली सदियों तक बढ़ता रहेगा। लैगून को विशाल बांध व पंपिंग प्रणाली से सुरक्षित करना संभव है, पर इससे लैगून का प्राकृतिक जीवन खतरे में पड़ सकता है। अत्यधिक वृद्धि की स्थिति में शहर को स्थानांतरित करना भी एक विकल्प माना गया है, हालांकि इसकी लागत 100 अरब यूरो तक पहुंच सकती है। कम से कम वेनिस इन चीजों के बारे में दीर्घकालिक दृष्टिकोण से सोच तो रहा है। जबकि ज्यादातर संवेदनशील तटीय शहर इस दिशा में सोच भी नहीं रहे हैं। अपने लंबे और अनूठे इतिहास के साथ वेनिस के सामने खासतौर से बड़ी चुनौतियां हैं, लेकिन सभी निचले तटीय क्षेत्रों को दीर्घकालिक समुद्र स्तर में वृद्धि के खतरे को पहचानना चाहिए और अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।