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दूसरा पहलू: जब दस खरब रोगाणु एकसाथ हमला कर दें... ज्यादातर समय चतुराई से लड़ता है इम्यून सिस्टम

Wed, 20 Aug 2025 08:04 AM IST
ज्योति भास्कर जोसेफ लार्किन III

सार

हमारा इम्यून सिस्टम फिल्मी बैटमैन की तरह एकसाथ अनेक रोगाणुओं से लड़कर शरीर की रक्षा कर हमें सेहतमंद रखता है। सांस लेते समय हजारों रोगाणु शरीर के संपर्क में आते हैं। इम्यून सिस्टम इनसे लड़ता है, पर कई पैर जमा लेते हैं, जिनसे निपटने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है।
 
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रोगाणुओं के हमले से लड़ता है इम्यूनिटी (सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
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विस्तार
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जैसा हम फिल्मों में देखते हैं, अगर हमारे इम्यून सिस्टम को ‘बैटमैन’ की तरह एकसाथ अपने सभी दुश्मनों से लड़ना पड़े, तो क्या होगा? मेरा शोध इस पर केंद्रित है कि हमारा इम्यून सिस्टम कैसे काम करता है और बीमारियों को कैसे रोकता है। कई बार एक ही समय में गले में खराश और सर्दी-जुकाम, दोनों से हम बीमार पड़ सकते हैं। एक बीमारी से लड़ते हुए इम्यून सिस्टम के कमजोर होने से दूसरा रोगाणु इसका फायदा उठाकर हमला कर देता है। इम्यून सिस्टम कैंसर व खतरनाक रोगाणुओं से भी हमारी रक्षा करता है।

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सांस लेते समय हजारों रोगाणु शरीर के संपर्क में आते हैं। इम्यून सिस्टम कुछ हद तक इन सभी से लड़ता है, लेकिन कोई रोगाणु रक्त या ऊतकों में पैर जमा लेता है, तो उससे लड़ने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा की जरूरत होती है। छोटे रोगाणु से लड़ने के लिए त्वचा, नाक का बलगम, लार और आंसू काफी हैं।

रोगाणुओं की सतह पर कुछ खास हिस्से होते हैं, जिन्हें पैथोजन एसोसिएटेड मॉलिक्यूलर पैटर्न्स (पीएएमपीएस) कहते हैं, जो हमारे शरीर में नहीं बनते। इसलिए, जब इम्यून सिस्टम को कोई ‘पीएएमपीएस’ दिखता है, तो उस पर हमला कर देता है। शरीर में रिसेप्टर्स हैं। ये वे अणु हैं, जो रोगाणुओं को पकड़ते हैं और खतरे की घंटी बजा देते हैं, जिसे इन्फ्लेमेशन (सूजन) कहते हैं। यह सूजन दूसरी कोशिकाओं को सतर्क करती है कि कोई खतरा है। और इम्यून सिस्टम पहले से ही तैयार रहता है।
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कोविड-19 का वायरस इम्यून सिस्टम के लिए एक नया दुश्मन था। फिर भी, कुछ लोगों के पास पहले से ही ऐसी इम्यून कोशिकाएं थीं, जो इस वायरस के कुछ हिस्सों को पहचान सकती थीं। वैज्ञानिकों का मानना है कि हर व्यक्ति कम से कम दस खरब अलग-अलग इम्यून रिसेप्टर्स बना सकता है, जो जीवन भर में मिलने वाले रोगाणुओं से कहीं ज्यादा हैं। जब कोई इम्यून कोशिका किसी रोगाणु को पहचानती है, तो वह तेजी से अपनी कई कॉपियां बनाती है। इसे क्लोनल सिलेक्शन कहते हैं। इस तरह, इम्यून सिस्टम जल्द ही रोगाणुओं से लड़ने के लिए तैयार हो जाता है।

अगर आपको एकसाथ सर्दी हो जाए, तो इम्यून सिस्टम आम तौर पर इसे संभाल लेता है। लेकिन अगर दस खरब रोगाणु एकसाथ हमला करें? इतने सारे दुश्मनों के खिलाफ लड़ने में बहुत समय और ऊर्जा लगेगी। इम्यून सिस्टम शायद इसे संभाल न पाए और आप मुश्किल में पड़ जाएं। लेकिन सौभाग्य से, हमारा इम्यून सिस्टम, ज्यादातर समय चतुराई से लड़ाई को अपने पक्ष में मोड़ लेता है और आखिरी पल में जीत हासिल कर लेता है!        

-द कन्वर्सेशन से

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