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पहल: अच्छी है स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में कॉर्पोरेट जगत की एंट्री

सार

वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने जा रहे हैं। संभवतः क्रिकेट स्टेडियम में निवेश का हाल के दशकों में यह पहला उदाहरण है।
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सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसा कॉम्प्लेक्स जयुपर में भी बनेगा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Twitter
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विस्तार
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कॉर्पोरेट जगत और क्रिकेट का चोली दामन का साथ है, यदि यह कहा जाए तो गलत नहीं होगा। भारत में अब क्रिकेट पूर्ण रूप से कॉर्पोरेट गेम बन गया है। खासकर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल), कबड्डी ली, हॉकी लीग समेत अन्य लीग्स के लिए तो ऐसा कहा जा सकता है। आज बड़े-बड़े उद्योग घराने भले अंबानी हों, अडानी हों या जिंदल हों आईपीएल टीमों के माध्यम से क्रिकेट को चला रहे हैं।

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अब एक नया आयाम और इस श्रृंखला में जुड़ गया है। वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने जा रहे हैं। संभवतः क्रिकेट स्टेडियम में निवेश का हाल के दशकों में यह पहला ही उदाहरण है।
 

नरेंद्र मोदी स्टेडियम जैसी होगी इसकी संरचना

इंडियन प्रीमियर लीग के नए सीजन की पूर्व संध्या पर वेदांता ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने जयपुर में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) के साथ 300 करोड़ रुपये का निवेश समझौता किया। इसमें दुनिया का तीसरा और भारत का दूसरा सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनाया जा रहा है।

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जयपुर के चोंप गांव में बन रहा यह स्टेडियम 100 एकड़ में फैला हुआ एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स है। यह कुछ-कुछ अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसा ही होगा। इसमें जो स्टेडियम बनेगा वह सरदार वल्लभभाई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बने नरेंद्र मोदी स्टेडियम से कुछ छोटा होगा। चोंप गांव में निर्माणाधीन स्टेडियम में 75,000 दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी।

खास बात यह है कि इस स्टेडियम का काम इन दिनों युद्ध स्तर पर चल रहा है और इसी साल अक्टूबर में 40,000 दर्शकों की क्षमता वाले हिस्से को पूरा भी कर लिया जाएगा। पहले चरण की समग्र परियोजना पर 400 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, जिसमें से 300 करोड़ रुपये हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड द्वारा दिए जा रहे हैं।

इस स्टेडियम में भी इंडोर खेलों की सुविधाएं, अन्य खेलों के लिए प्रशिक्षण केंद्र, क्लब हाउस समेत कुछ-कुछ वैसी ही सुविधाएं होंगी, जैसी अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में हैं।


अनिल अग्रवाल के नाम पर होगा स्टेडियम

हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की निवेश शर्तों में यह भी शामिल है कि इस स्टेडियम का नाम वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के नाम पर होगा और यह स्टेडियम अनिल अग्रवाल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के नाम से ही दुनिया में पहचाना जाएगा। वेदांता ग्रुप के इस कदम को स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए एक नई शुरुआत भी कहा जा सकता है।

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के साथ वेदांता ग्रुप की इस साझेदारी से देश में एक नई शुरुआत होगी और भविष्य में तय है कि अलग-अलग शहरों में कॉर्पोरेट जगत स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश को आगे आएगा। 

अब तक कॉर्पोरेट जगत का ज्यादातर फोकस खिलाड़ियों और टीमों को प्रायोजित करने का अधिक रहा है। जैसे सहारा इंडिया लंबे समय तक हॉकी टीम और भारतीय क्रिकेट टीम को प्रायोजित करता आया है। अन्य खेल कबड्डी, हॉकी, बैडमिंटन जैसे दूसरे खेलों में भी कॉर्पोरेट बढ़-चढ़कर खिलाड़ियों को प्रायोजित करते हैं। फिल्म जगत की हस्तियों ने भी खेलों में निवेश किया है। क्रिकेट, कबड्डी, बैडमिंटन, हॉकी जैसी लीग से न केवल खिलाड़ियों का भला हुआ है, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार भी पैदा हुए हैं।

स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के नए कदम की सराहना की जानी चाहिए। हालांकि, क्रिकेट के अलावा ओलंपिक में खेले जाने वाले खेलों की तरफ भी कॉर्पोरेट जगत और ज्यादा ध्यान दे तो अच्छा होगा। हॉकी, स्विमिंग, शूटिंग, रेसलिंग जैसे खेलों को भी अच्छे स्टेडियम और स्पोर्ट्स फैसिलिटी की जरूरत है। वेदांता जैसे बड़े समूह इनमें भी निवेश करें तो वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं में भारत की झोली में पदकों से भरेगी, यह निश्चित है।


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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदाई नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।

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