कमलनाथ सीएम मप्र (फाइल फोटो)
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आज क्या हुआ मप्र विधानसभा में?
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण को 10 वर्ष की अवधि के लिए बढ़ाए जाने संबधी संविधान के 126 वें संशोधन विधेयक के अनुसमर्थन के लिए संकल्प पारित करने बुलाया गया मध्य प्रदेश विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र आज शुरू हुआ। लेकिन पहले दिन यह संकल्प कार्य सूची में शामिल होने के बावजूद सदन में पेश नहीं किया गया।
वर्तमान विधानसभा के सदस्य बनवारीलाल शर्मा और पूर्व विधायक रुगनाथ सिंह आंजना के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक स्वरूप विधानसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। अब यह संकल्प शुक्रवार को पेश और पारित होने की संभावना है।
राष्ट्रगीत वंदेमातरम के साथ विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू हुई। अध्यक्ष नर्मदाप्रसाद प्रजापति ने जौरा से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा और रतलाम जिले के पूर्व भाजपा विधायक रुगनाथ सिंह आंजना के निधन का उल्लेख किया।
अध्यक्ष ने दाेनों के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके अवसान को अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि स्वर्गीय बनवारीलाल शर्मा ने सरपंच के बाद से राजनीतिक जीवन शुरू किया था, वे जनपद पंचायत में भी जनप्रतिनिधि और सहकारी आंदोलन में भी रहे।
कमलनाथ ने कहा कि- वे गंभीर रूप से बीमार थे इसके बावजूद उन विधायकों में शामिल थे, जो बतौर मुख्यमंत्री उनसे सर्वाधिक मिलते थे, अपने क्षेत्र की चिंता करते थे। कमलनाथ ने कहा कि वे उनसे कहते थे कि आप मत आइए अपने किसी प्रतिनिधि को भेज दीजिए, लेकिन वे इसके बावजूद खुद आते थे। चलने-फिरने तक में उन्हें दिक्कत थी, दो लोग उन्हें सहारा देते थे लेकिन वे सदा क्षेत्र के लिए सक्रिय बने रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब जनप्रतिनिधियाें की भी अपने क्षेत्र के प्रति ऐसी ही चिंता होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि बनवारी लाल शर्मा सामान्य परिवार के थे और जमीन से जुड़े नेता थे।
भार्गव ने कहा कि हर विधानसभा में सदस्यों के दिवंगत् होने की संख्या आठ-दस तक पहुंच जाती है। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्षों श्रीनिवास तिवारी और ईश्वरदास रोहणी तथा अन्य ने भी इस संबंध में चिंता की थी। हमारा जीवन कठिन है, अनियमित है इसके चलते बीमारियां और आयु का क्षरण होता है। हम लोग सार्वजनिक जीवन में व्यस्त रहते हैं, लगातार दौरे करते हैं और रात को दो-दो बजे तक व्यस्तता रहती है। इस संबंध में भी चर्चा होना चाहिए।
भार्गव ने कहा कि इस भवन में कई अनुष्ठान भी किए गए, जिन्हें कई लोगों ने माना कई लोगों ने हास्य भी किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हम कामकाज में व्यस्तता के दौरान तनाव में ंन रहें, इसकी चिंता करना जरूरी है। हम जन प्रतिनिधियाें के दो रूप होते हैं, एक व्यक्तिगत और दूसरा वो जो विधायक या मंत्री के रूप में है। समाज हमारे बारे में अलग नजरिए से देखता है। समाज से आग्रह है कि वह हमारे प्रति भी अन्य आम लोगों की तरह भाव रखे।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद सदन ने दिवंगतों के सम्मान में दो मिनिट रखा। इसके बाद अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
गौरतलब है कि विधानसभा की आज की कार्यसूची में विधि एवं विधायी कार्य मंत्री पीसी शर्मा को संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुके एक सौ छब्बीसवें संविधान संशोधन विधेयक 2019 और उस पर लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाहियों को सदन के पटल पर रखना तथा इसके बाद इसे संकल्प के रूप में पारित करने का प्रस्ताव करना शामिल थाा। अब यह कार्यवाही शुक्रवार की कार्यसूची में फिर शामिल कर संकल्प सदन मेें पेश और पारित किया जाएगा।
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