आईएएस सिलेक्शन लिस्ट का सबसे बड़ा आकर्षण बन रही टॉप 4 लड़कियों ने सफलता के नए आयाम तो छुए ही हैं, उसके साथ ही समाज को पूरे जोश के साथ एक बड़ा संदेश दिया है, हम किसी से कम नहीं बल्कि चार कदम आगे ही हैं।
अब जो शुरुआत हो चुकी है वो हर दूसरी लड़की के लिए प्रेरणास्पद है व समाज के हर वर्ग, हर क्षेत्र और हर व्यक्ति विशेष के लिए एक जरूरी संदेश भी है कि लड़कियों को आगे बढ़ाओ, उनको खूब पढ़ाओ साथ ही उनको उनके सपने जीने की हिम्मत दो, क्यूंकि मेहनत करने का जज्बा और ताकत तो उनमें जन्मजात होती ही है जिसके दम पर वो जो चाहें वो हासिल कर सकती हैं।
पहले के दशकों में भी लड़कियों ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं, पर अब रफ्तार बहुत तेज है। अब एक दो नहीं, लाखों लड़कियां नित-नए प्रोफेशन के उच्च स्तर पर पहुंच रही हैं ,अपनी प्रतिभा को साबित करते हुए लोगों को विश्वास दिला रही हैं कि लड़कियां जहां भी पहुंचेंगी अपना लोहा मनवा कर ही रहेगीं।
अब तो वो समय भी आ चुका है, जहां वो खुद ही खुद का अच्छा बुरा सब सोच लेती हैं और उस हिसाब से आगे बढ़ना शुरू भी कर देती हैं। इसमें भी कोई संदेह नहीं है कि ये मुमकिन तब ही हो पता है कि जब कुछ विरले व्यक्तित्व आप पर तब भरोसा कर लेते है जब पूरी दुनिया आपको सिर्फ ताने देने में व्यस्त होती है। ऐसे में भी नहीं हारने वाली लड़कियों की सफलता का श्रेय उस व्यक्तित्व को जरूर जाता है जिसने हर किसी से लड़कर उसका साथ दिया है।
ताने देने वाले पहले तो बहुत हैरान कर ही चुके होते हैं पर सफलता के बाद कम से कम एक काम करने की उम्मीद शायद उनसे की जा सकती है कि अब उनको सराहने में कंजूसी मत करना, तब चुप नहीं रह पाए तो कम से कम अब बोलकर उसकी सफलता को स्वीकार कीजिए, इससे तानो का प्रायश्चित अपने आप हो जाएगा।
आज भी कोई तो अपने घर में चार लड़कियां होने के बाद भी ख़ुद को सबसे सुखी मानता है और वहीं कोई ऐसा भी है जो बेटी होने से पहले ही उसको खत्म करने का विचार ले आता है ,वास्तव में इसमें लड़की का क्या कसूर? कसूर है तो उस व्यक्ति विशेष का है जो ख़ुद को इस लायक ही नहीं समझ पाता कि लड़की को अच्छे से पाल पोस कर बड़ा कर सके।
अब समाज बदल रहा है क्यूंकि लड़कियों ने खुद अपने आपकी उचित जगह को आंकना शुरू कर दिया है। पहले लड़कियां अपनी परवरिश ,परिवार के मान-सम्मान के लिए खुद को समर्पित कर दिया करती थीं, अब भी भावनाएं वही है पर अब खुद को थोड़ा अधिक महत्व देती हैं, तब जाकर अपना असली हुनर सबके सामने पूरे आत्मविश्वास के साथ ला पाती हैं।
अब क्या है ना, उसने चलना नहीं,दौड़ना सीख लिया है और अब जो भी बीच में आएगा वो खुद ही गिर जाएगा क्यूंकि वो ना रुकेगी-ना थमेगी।
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