फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

जीवन धारा: कामयाबी बैंक खाते से तय नहीं होती, धन से बड़ी दौलत है अपने पसंद का काम मिलना

वॉरेन बफेट Published by: Devesh Tripathi Updated Tue, 07 Jul 2026 07:09 AM IST

सार

सफलता इस बात से तय होती है कि क्या आप सुबह मुस्कुराते हुए उठते हैं, आपका काम आपकी आत्मा को थकाता है या उसे ऊर्जा देता है और क्या रात को सोते समय आपको लगता है कि आज का दिन सार्थक बीता।
विज्ञापन
विज्ञापन
जीवन धारा - फोटो : अमर उजाला प्रिंट


धन कमाना मेहनत का परिणाम हो सकता है, पर उद्देश्य नहीं होना चाहिए। यदि उद्देश्य केवल धन कमाना है, तो एक दिन आप बहुत कुछ पा लेने के बाद भी भीतर से खालीपन महसूस करेंगे। अगर आपका उद्देश्य ऐसा काम करना है, जो जिज्ञासा, प्रतिभा और आपके आनंद से जुड़ा हो, तो धन उसके पीछे-पीछे आने लगेगा। और, यदि न भी आए, तब भी आपका जीवन सार्थक रहेगा। जब दूसरे बच्चे खेलों का मजा ले रहे होते थे, तब मैं कंपनियों की रिपोर्ट पढ़ने में आनंद लेता था। किसी ने मुझे इसके लिए मजबूर नहीं किया। यह मेरी दिलचस्पी थी। यदि मैं केवल समाज व लोगों की उम्मीदों के अनुसार चलता, तो शायद किसी और पेशे में चला जाता, पर तब मैं वह जीवन नहीं जी पाता, जिससे मुझे संतोष मिला। बहुत-से लोग पूरी उम्र यह जाने बिना बिता देते हैं कि उन्हें वास्तव में किस काम में आनंद आता है। वे नौकरी इसलिए करते हैं, क्योंकि वेतन मिलता है या कोई पेशा इसलिए चुनते हैं, क्योंकि समाज में उसे प्रतिष्ठा की नजर से देखा जाता है। यदि आपका मन उस काम में नहीं है, तो सफलता भी आपको थका देगी।


मैंने ऐसे लोगों को भी देखा है, जिनके पास अपार संपत्ति है, फिर भी वे हर सुबह बोझ महसूस करते हैं। दूसरी ओर, मैंने ऐसे लोगों को भी देखा है, जिनकी आय बहुत अधिक नहीं है, पर वे अपने काम से प्रेम करते हैं। उनके चेहरे पर जो संतोष है, वह किसी भी विलासिता से कहीं ज्यादा मूल्यवान है। जब आप अपने पसंद के काम में डूबे होते हैं, तब आपको सेवानिवृत्ति का विचार उतना आकर्षक नहीं लगता। आप काम इसलिए नहीं करते कि करना पड़ रहा है, बल्कि इसलिए करते हैं, क्योंकि वही आपको जीवंत महसूस कराता है। इसका अर्थ यह भी नहीं कि हर दिन आसान होगा। जब आप अपने चुने हुए मार्ग पर चलते हैं, तो कठिनाइयां आपको रोकती नहीं, बल्कि सिखाती हैं। जीवन की सफलता बैंक खाते से नहीं मापी जाती। वह इस बात से तय होती है कि क्या आप सुबह मुस्कुराते हुए उठते हैं, क्या आपका काम आपकी आत्मा को थकाता है या उसे ऊर्जा देता है और क्या रात को सोते समय आपको लगता है कि आज का दिन सार्थक था। यदि आप ऐसी स्थिति तक पहुंच जाते हैं, जहां सोमवार और रविवार में अंतर केवल कैलेंडर का रह जाता है, मन का नहीं, तो समझिए आपने वह कामयाबी हासिल कर ली है, जिसे कोई आर्थिक मंदी, बाजार, पुरस्कार और कोई आलोचना आपसे छीन नहीं सकती। यही मेरे लिए जीवन की सबसे बड़ी सफलता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next