हाल में जब आरबीआई ने दो बड़े बैंक एचडीएफसी और कोटक महिंद्रा पर कार्रवाई की तो इनके शेयरों में 15 फीसदी तक की गिरावट आई। इसका यह मतलब बिलकुल नहीं है कि ये बैंक भविष्य में बंद हो जाएंगे, या इनके खाता बही पर लंबे समय तक असर होगा। लेकिन कार्रवाई से जरूर इनके शेयरों पर असर हुआ। यह एक अवसर था, जहां इन बड़े शेयरों को 15 फीसदी सस्ते भाव में खरीद सकते थे। इस तरह के अवसर कभी नियामकीय कार्रवाई, कभी नीतियों के बदलाव या किसी और भी तरीके से आ सकते हैं।
कोटक-एचडीएफसी में 10,000 करोड़ की खरीद
एचडीएफसी बैंक पर कार्रवाई हटा ली गई। कोटक भी जब अपने कार्य से नियामक को संतुष्ट कर देगा तो उस पर भी की गई कार्रवाई हट जाएगी। कोटक बैंक का शेयर टूटकर एक साल के निचले स्तर 1,544 रुपये पर चला गया। अब यह 1,696 रुपये पर है। एक महीने में करीब 150 रुपये प्रति शेयर बढ़ा है। अप्रैल में जब शेयरों में तेज गिरावट आई तो म्यूचुअल फंडों ने दोनों बैंकों के 10,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। फंड हाउसों को उम्मीद है कि नियामकीय कार्रवाई अस्थायी है।
विशेष स्थितियों वाले फंड में निवेश
ऐसे मौकों का लाभ उठाने के लिए विशेष स्थितियों वाले फंडों में निवेश कर सकते हैं। सैमको म्यूचुअल फंड का स्पेशल अपॉर्च्यूनिटी फंड 31 मई को बंद होगा। यह विशेष स्थितियों वाली थीम में निवेश करेगा। इससे 500 करोड़ जुटाने की योजना है। इस तरह के फंड कम मूल्य वाले या नजरअंदाज किए गए अवसरों के जरिये लंबे समय में अच्छा रिटर्न देते हैं। इस फंड का उद्देश्य 10 विशेष स्थितियों में शामिल प्रतिभूतियों के पोर्टफोलियो में निवेश करना है।
ये हैं प्रमुख विशेष स्थितियां
प्रमुख विशेष स्थितियों में डिजिटलीकरण, कॉरपोरेट कार्रवाई, सुधार आधारित रणनीति, कम मूल्य वाली होल्डिंग कंपनियों की रणनीति, समय के साथ टिकाऊ रुझान, इनोवेशन और तकनीकी व्यवधान के साथ नए व उभरते क्षेत्र शामिल हैं। यह स्थितियां अक्सर गलत और कम मूल्य निर्धारण के अवसर पैदा करती हैं, जिनका फंड संभावित पूंजी में मजबूती के लिए फायदा उठाना चाहते हैं।
खुद को किसी विशेष सेगमेंट तक सीमित न रखते हुए ऐसे फंड निवेश के अवसरों की एक विस्तृत शृंखला को आगे बढ़ाने में सक्षम हैं। वे बाजार के विविध और कम खोजे गए क्षेत्रों में दोहन करके रिटर्न को बढ़ाते हैं।
-उमेश मेहता, सीआईओ, सैमको