कभी 4 गेंदों का था एक ओवर
टेस्ट मैच क्रिकेट की शुरुआत साल 1877 में हुई। उस समय चार दिनों में मैच समाप्त हो जाता था और हर ओवर में चार गेंद होती थीं, साल 1889 में एक ओवर में 5 गेंदें कर दी गईं, लेकिन साल 1990 में 6 गेंदों का ओवर होने लगा, जो अब तक चल रहा है। टेस्ट मैच को भी पांच दिन का कर दिया गया। 19वीं सदी में व्हाइड बॉल का नियम आया। गेंद का सटीक व्यास आया। हाथ के दस्ताने, हेलमेट का प्रयोग शुरू हुआ। बाउंड्री की शुरुआत हुई। ओवर आर्म बॉलिंग को जायज ठहराया गया।
इत्तेफाक से शुरू हुआ वनडे क्रिकेट
वनडे क्रिकेट की शुरुआत इत्तेफाक से हुई। दरअसल, 5 जनवरी 1971 को ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच मेलबर्न में टेस्ट मैच खेला जा रहा था, लेकिन पहले तीन दिन बारिश के कारण खराब हो गए तो दोनों टीमों के बीच 40-40 ओवर का एक दिवसीय मैच खेलने का निर्णय लिया गया है, जिससे ऑस्ट्रेलिया ने पांच विकेट से जीता। शुरुआत में 60-60 ओवर का वनडे हुआ। फिर इसे कभी 40, कभी 45 तो कभी 55 ओवर का रखा गया, लेकिन अंततः वनडे मैच को 50 ओवर का कर दिया गया, जो अब तक जारी है।
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि पहला इंटरनेशनल क्रिकेट मैच साल 1844 में अमेरिका और कनाडा के बीच टोरंटो में खेला गया था, जिसे कनाडा ने जीता। साल 1862 में पहली बार इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गई।
भारत में क्रिकेट
भारत में क्रिकेट 18वीं सदी में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी लेकर आई। वर्ष 1792 में कोलकाता में क्रिकेट क्लब का निर्माण हुआ, तब से लेकर अब तक क्रिकेट भारत का मुख्य खेल बन चुका है। कभी यह अभिजात्य वर्ग का खेल था, लेकिन आज आम भारतीय का बच्चा भी क्रिकेट में नाम रोशन कर रहा है। वर्ल्ड क्रिकेट में भारत का सिक्का चलता है। हमारा क्रिकेट बोर्ड दुनिया में सबसे अमीर है और हमारी बात का वजन सबसे अधिक है। इसलिए क्रिकेट में और बदलावों की शुरुआत भारत से ही होनी चाहिए।
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