हर 11 साल में सूर्य अपने साइकिल को पूरा करके सोलर मिनिमम और मैक्सिमम फेस से गुजरता है।
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क्या है सोलर साइकिल?
सूर्य हर 11 सालों में अपनी मैग्नेटिक फील्ड को बदलता है। अर्थात हर 11 सालों में सूर्य के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव अपने आपको विपरीत दिशा में बदल लेते हैं। सोलर साइकिल की इस अवधि में सूर्य पर जब बड़े-बड़े डार्क स्पॉट का निर्माण होता है। उस पीरियड को सोलर मैक्सीमम के नाम से जाना जाता है। सोलर मैक्सीमम की अवधि में डार्क स्पॉट बनने के कारण सूर्य से बड़ी मात्रा में सोलर फ्लेयर, कोरोनल मास इजेक्शन और ऊर्जा का रिसाव अंतरिक्ष में होता है।
वहीं जैसे-जैसे ये डार्क स्पॉट छोटे होने लगते हैं उस फेस को सोलर मिनीमम कहा जाता है। बीते सालों में आपने कई बार सोलर फ्लेयर, सोलर स्ट्रोम और कोरोनल मास इजेक्शन के बारे में जरूर सुना होगा।
चीजेवस्की के मुताबिक सूर्य पर जब-जब पीरियोडिकली 11 साल बाद ये विस्फोट होते हैं, तब-तब पृथ्वी पर असंतोष की स्थिति जन्म लेने लगती है। चीजेवस्की ने बताया था कि सूर्य पर होने वाले इन पीरियोडिकली विस्फोट के कारण पृथ्वी के वातावरण में नकारात्मक आयनीकरण (Negative Ionization) होने लगता है। इससे इंसानों की उत्तेजना काफी बढ़ जाती है।
चीजेवस्की के मुताबिक हमारा पूरा इतिहास सूर्य पर हर 11 सालों में उभरने वाले डार्क स्पॉट और उनसे निकलने वाले सोलर फ्लेयर और कोरोनल मास इजेक्शन से प्रभावित है। इसी की वजह से पृथ्वी पर गृह युद्ध, क्रांतियां और एक दूसरे देशों के बीच आपसी तनाव की स्थिति पैदा होती है। चीजेवस्की ने अपनी बात को प्रमाणित करने के लिए 500 BCE से लेकर 1922 CE के बीच सूर्य पर हर 11 सालों में होने वाले विस्फोट और उनका पृथ्वी पर आने वाली महामारियों और युद्धों से क्या संबंध रहा? इस विषय पर गहराई से अध्ययन करके कई साक्ष्य प्रस्तुत किए।
इस वैज्ञानिक ने कॉस्मो बायोलॉजी की दिशा में कई बड़े काम किए। चीजेवस्की द्वारा की गई अधिकतम खोजों का लेखा-जोखा रूसी भाषा में है। हालांकि, बाद में इसको अंग्रेजी में अनुवाद किया गया। दुनियाभर में चीजेवस्की के रिसर्च को व्यापक तौर पर स्वीकृति मिली है।
गौरतलब है कि इस महान वैज्ञानिक को कम्यूनिस्ट विचारधारा के विरुद्ध की खोज को देखते हुए, तत्कालीन सोवियत संघ के शासक जोसेफ स्टालिन ने साइबेरिया की गुलग जेल में बंद कर दिया था। चीजेवस्की ने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा इसी जेल में व्यतीत किया। जोसेफ स्टालिन की जब मृत्यु हुई उसके बाद ही यह वैज्ञानिक जेल से रिहा हो पाया।
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