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दूसरी पारी: वही फैसला लें, जो आपके लिए सही हो; परंपरा, भावनाएं और नई शुरुआत के बीच संतुलन कैसे बनाएं?

Fri, 20 Mar 2026 05:06 AM IST
Shubham Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वानप्रस्थ और संन्यास जैसी अवधारणाएं, खासकर बुजुर्ग महिलाओं के लिए दोबारा शादी के विचार को गलत मानते हैं। फिर भी, अब चीजें बदल रही हैं। जीवन प्रत्याशा बढ़ने के साथ दोबारा शादी के विचार को समाज में धीरे-धीरे मान्यता मिलने लगी है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सबसे पहले, तो अपनी पत्नी को खोने पर मेरी गहरी संवेदनाएं स्वीकार करें। पिछले कुछ वर्षों में आपकी जिंदगी में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जो जिंदगी बदलने वाली हैं। कैंसर से जूझ रहे जीवनसाथी की देखभाल करना और फिर उसका इस लड़ाई में हार जाना, आपके लिए बहुत दर्दनाक अनुभव रहा होगा। विदेश में बुजुर्ग लोगों द्वारा दूसरी शादी करना एक आम बात है। लेकिन, भारत में ऐसा नहीं है, क्योंकि हमारी संस्कृति में यह माना जाता है कि वृद्धावस्था भगवान से जुड़ने का समय होता है।

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वानप्रस्थ और संन्यास जैसी अवधारणाएं, खासकर बुजुर्ग महिलाओं के लिए दोबारा शादी के विचार को गलत मानते हैं। फिर भी, अब चीजें बदल रही हैं। जीवन प्रत्याशा बढ़ने के साथ दोबारा शादी के विचार को समाज में धीरे-धीरे मान्यता मिलने लगी है। याद रखिए कि आपकी दोबारा शादी नई शर्तों पर एक नए रिश्ते की शुरुआत होगी। आगे बढ़ने से पहले आपको कुछ वास्तविकता और भावनात्मक बातों को स्पष्ट कर लेना चाहिए। आपको इसका भी आकलन करना होगा कि आप दोनों की दूसरी शादी पर आपके और उनकेे परिवार के लोग क्या और कैसी प्रतिक्रिया करते हैं।

आप यह भी पता करें कि वह आपके साथ अपने रिश्ते में क्या चाहती हैं या उनकी ख्वाहिशें क्या हैं। शादी करने के बाद आपको उनकी शारीरिक और भावनात्मक सेहत का भी ख्याल रखना होगा, इसलिए उनकी जरूरतों को समझना बेहद जरूरी है। आपको अपने बारे में कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। मसलन, आपकी शादी पर आपके बेटे और उसके परिवार की प्रतिक्रिया कैसी होगी? शादी के बाद आपकी नई पत्नी आपकी बचत और संपत्ति की कानूनी वारिस बनेंगी, इससे आपके बेटे को कोई आपत्ति तो नहीं होगी?
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इसके अलावा, आपको भी साफ कर लेना चाहिए कि अपनी नई पत्नी से आप क्या उम्मीदें करते हैं, जैसा कि आप जानते हैं कि देखभाल करना बुढ़ापे का एक बहुत जरूरी हिस्सा होता है। इन सब चीजों पर गौर करने के बाद अगर आप आगे बढ़ने का फैसला करते हैं, तो अपने नए साथी के साथ अधिक से अधिक समय बिताएं। इस मुद्दे पर खुलकर बात करें, साथ ही इसके फायदे और नुकसान भी आपस में साझा करें। उम्र के आखिरी पड़ाव पर अकेलापन बहुत सताता है, लेकिन आप सौभाग्यशाली हैं कि आपको कोई मिल गया है।

हां, यह जरूर याद रखिए कि कुछ लोग आपके फैसले के आधार पर आपको या आपकी होने वाली पत्नी का आकलन कर सकते हैं। हो सकता है, आप कुछ अपनों को खो सकते हैं, लेकिन आपकी जिंदगी में नए लोग भी आएंगे। इसलिए वही फैसला लें, जो आपके लिए सही हो।

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