अर्थव्यवस्था में सुधार को लेकर प्रयास
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वित्त मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) को बढ़ावा देने के लिए देश के तीन शीर्ष शिक्षा संस्थानों में उत्कृष्टता केन्द्र खोलने की घोषणा की है। यह समय की मांग है। इस बजट की अन्य अहम बातों में अब पैन नंबर को ही पहचान का प्रमाण मानने, ई-न्यायालय परियोजना शुरू करने, 5जी सेवाओं के एप्लीकेशन तैयार करने, इंजीनियरिंग काॅलेजों में सौ प्रयोगशालाएं स्थापित करने तथा देश में कृत्रिम हीरा उत्पादन को प्रोत्साहित करना भी शामिल है।
कार्बन उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य
वित्त मंत्री ने पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से देश में कार्बन उत्सर्जन घटाने के लिए हरित हाइड्रोजन मिशन को बढ़ावा देने तथा पीएम प्रणाम योजना के अंतर्गत वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने की बात भी बजट में की। राज्यो में उनके, जीआई उत्पादों और अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘यूनिटी माॅल’ स्थापित किए जाएंगे।
आजकल बजट में पहले की तरह चीजों के महंगा और सस्ते होने का रोमांच जीएसटी ने खत्म कर दिया है। फिर भी कुछ मामलों में यह अभी भी कायम है। वित्तमंत्री ने महंगाई बढ़ाने वाले उपायों से दूरी बनाए रखी। लेकिन सोना और सिगरेट जैसी चीजों को महंगा करने से परहेज नहीं किया। जबकि प्रदूषण न करने वाली इलेक्ट्रिक वाहनों को सस्ता करने की पहल की।
मध्यवर्ग को राहत देने की कोशिश
वित्तमंत्री सीतारमण ने इस बार उस मध्यवर्ग को निराश नहीं किया, जो लंबे समय से भाजपा का वोटर रहा है। इस वर्ग की मांग को मानते हुए उन्होंने आयकर में छूट देने का ऐलान किया, जिससे देश के करीब 40 करोड़ लोगों को फायदा होगा। उन्होंने व्यक्तिगत आयकर में छूट की सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख करने का ऐलान किया, साथ ही आयकर स्लैब भी 6 से घटाकर पांच कर दिए।
नई व्यवस्था के तहत अब 3 लाख तक की वार्षिक आयपर कोई कर नहीं लगेगा, जबकि 3 से 6 लाख तक 5 प्रतिशत, 6 से 9 लाख तक 10 प्रतिशत, 9 से 12 लाख तक 15 प्रतिशत, 12 से 15 लाख तक 20 प्रतिशत तथा 15 लाख से ऊपर की आय वालों को पूर्ववत 30 फीसदी आयकर देना होगा। इसके अलावा व्यक्तिगत आयकर की उच्चतम अधिभार की दर 42.74 प्रतिशत को घटाकर अब 37 फीसदी कर दी गई है।
वित्त मंत्री ने सेना, पुलिस, रेलवे व अन्य विभागों के बजट बढ़ाकर ज्यादा खर्च और मांग का इंतजाम किया वहीं बचत को बढ़ावा देने का भी ध्यान रखा। उन्होंने राष्ट्रीय वरिष्ठजन पेंशन योजना में धन जमा करने की सीमा 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख कर दी है। इसी प्रकार महिलाओं के बचत सम्मान पत्र योजना का भी ऐलान किया है।
ध्यान रहे कि छोटी बचत देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में अहम योगदान देती हैं। हालांकि वित्त मंत्री ने रोजगार बढ़ाने तथा रोजगारों की पुरानी घोषणा के अनुपालन पर कोई बात नहीं की,हालांकि उनका दावा है कि देश में बेरोजगारी घटी है।
कुलमिलाकर यह बजट अर्थव्यवस्था को गति देने वाला बजट है। यह आर्थिकी को कम से कम 6 फीसदी की दर आगे बढ़ाने की उसी श्रृंखला की नवीनतम कड़ी है, जिसकी बुनियाद तीन दशक पहले रखी गई थी। जहां तक अपेक्षाओं की बात है, तो वो अनंत है। सरकार उन्हें एक हद तक ही पूरा कर सकती है।
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