राज ठाकरे जहां भी चुनावी रैली करने जा रहे हैं, वहां लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। वो अपने भाषणों में न सिर्फ मोदी सरकार के चुनावी वादों की पोल खोल रहे हैं बल्कि नरेंद्र मोदी के झूठ भी गिना रहे हैं। एक रैली के दौरान उन्होंने कहा, 'मोदी कहते हैं कि एक हफ्ते में 8.5 लाख टॉयलेट बनाए गए। यानी कि 5 सेकेंड में 7 टॉयलेट? इतनी देर में तो होता भी नहीं है।'
राज ठाकरे ने मोदी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, 'मैंने चार साल पहले ही चेतावनी दी थी कि मोदी युद्ध जैसी स्थिति पैदा करके चुनाव जीतने की कोशिश करेंगे। नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी खतरनाक है।' पिछले महीने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, 'अब मेरा एकमात्र लक्ष्य है भाजपा की हार सुनिश्चित करना।'
राज ठाकरे का कहना है कि वो नरेंद्र मोदी और अमित शाह को बिना चुनाव लड़े ही चुनौती देंगे। हालांकि वो किसी भी पार्टी को अपना समर्थन नहीं देंगे। उनकी कहना है कि अगर उनके भाषण से किसी भी पार्टी को फायदा पहुंचता है, तो हो। वो न तो कांग्रेस में मिलेंगे और न ही एनसीपी के साथ जाएंगे। हालांकि सुनने में आ रहा है कि वो कांग्रेस और एनसीपी के लिए रैलियां करेंगे, लेकिन इसमें वो किसी भी पार्टी के नेता के साथ मंच साझा नहीं करेंगे।
राज ठाकरे के मोदी विरोध में बयान देने के पीछे एक कारण है। दरअसल, उनकी पार्टी मनसे (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) ने साल 2009 में हुए विधानसभा चुनावों में 288 में से 13 सीटों पर जीत हासिल की थी, लेकिन केंद्र में नरेंद्र मोदी की सत्ता आने से पार्टी का आधार छिन्न-भिन्न हो गया है। नरेंद्र मोदी की लहर ने महाराष्ट्र में उनकी पार्टी का प्रभाव काफी हद तक कम कर दिया है। यही वजह है कि साल 2014 में महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को महज एक सीट पर ही जीत मिली थी। ठीक यही हाल म्यूनिसिपल चुनाव में भी रहा। कुल मिलाकर उनकी पार्टी का हाल खराब ही रहा।