डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।
सियासी पिच हो या सोशल मीडिया, मोदी अपने आप में ब्रांड हैं और यही कारण है कि उनका जादू देश-दुनिया में सर आंखों चढ़कर बोल रहा है। पांच देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव में मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी को मेलोडी टॉफी उपहार में दी तो एकाएक तीन घंटे के भीतर ही सोशल मीडिया पर यह मोदी मैजिक (वीडियो) 6 करोड़ से ज्यादा बार छा गया। इसी की चर्चा होती रही। और तो और मेलोडी टॉफी बनाने वाली पारले जी प्रोडक्ट इंडस्ट्री का शेयर (स्टॉक) 5 फीसदी तक उछलकर शेयर सर्किट (5.25 रुपये) हो गया। दरअसल, यह चॉकलेटी मेलोडी का नहीं बल्कि मोदी का जादू है। विरोधी भले इसे मोदी की नौटंकी बताते हों लेकिन हकीकत जुदा है और दुनिया दीवानी।
मोदी सियासी पिच पर आक्रामक हेलिकॉप्टर शॉट से न केवल विरोधियों को चुनावी मैच में हराते रहे हैं बल्कि गूगली गेंदों से गिल्ली भी उड़ाने के माहिर हैं। बिहार में गमछा लहराकर गर्दा उड़ाने की घटना हो या असम में अंगोछा से असमिया अस्मिता से जोड़ने का अंदाज, सब वाकिफ हैं। हाल के बंगाल के चुनाव में झालमुड़ी खाकर विरोधियों को तीखी मिर्ची का अहसास कराया। अब इटली की पीएम मेलनी के साथ मोदी की यह मैत्री वैश्विक चुनौतियों के बीच आर्थिक तौर पर देश में मिठास घोलने जा रही है। मोदी-मेलनी मिलन के दरम्यान भारत में 2029 तक 29 बिलियन यूरो तक की अर्थव्यवस्था का खाका खींचा गया।
2020 में कोरोना संकट के दौरान जब मोदी ने ताली-थाली बजाने या दीए-बाती जलाने की अपील की तो सारा देश एक अपील पर उनके साथ खड़ा हो गया था। तब भी विरोधियों ने ताली-थाली पीटने का मजाक उड़ाया। तभी मोदी ने वोकल फॉर लोकल का नारा देकर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया। खादी कारोबार को 11 वर्षों में 447 फीसदी की वृद्धि दिलाकर 170.51 करोड़ के कारोबार तक ला दिया। बुनकरों की स्थिति बदली। फैशन और ब्रांडिंग के जमाने में हस्तकरघा की ओर लोगों का ध्यान खींचा। दिवाली पर चाइनीज झालर की जगह कुंभकारों के बनाए दीए-बाती से लाखों परिवारों के घर रोशन होने लगे।
स्टार्टअप और मेक इन इंडिया जैसी अपील से रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा। करीब-करीब 65 फीसदी रक्षा उपकरण देश में बनने लगे। आकाश और ब्रह्मोस का निर्यात होने लगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाले ब्रह्मोस अब उत्तर प्रदेश में बनने लगे हैं। रक्षा मंत्रालय 67 फीसदी घरेलू खरीद को बढ़ावा दे रहा है। स्टार्टअप की वैश्विक रैंकिंग में भारत तीसरे नंबर पर आ गया है और यूनिकॉर्न 1 अरब डॉलर से ज्यादा हैं। तीसरी अर्थव्यवस्था की ओर जोर है।
मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ा है। लोकप्रियता के मामले में दुनिया भर के नेताओं को मोदी ने पछाड़ दिया है। इंस्टा हो या यूट्यूब, मोदी के फॉलोअर्स सर्वाधिक हैं। यही कारण है कि जब वह बंगाल के चुनाव में झालमुड़ी खाते हैं तो एकाएक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झालमुड़ी की बाढ़ आ जाती है। अब मेलोडी टॉफी छा गई है। मोदी अपने प्रशंसकों के बूते ही सियासी पिच से लेकर दुनिया भर में छाए रहते हैं। देश में सत्ता के शिखर पर हैं। अपनी मेहनत के बूते राज्यों में भी कमल और सहयोगियों (एनडीए) का विस्तार कर रहे हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेखक के निजी विचार हैं। आलेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। अपने विचार हमें blog@auw.co.in पर भेज सकते हैं। लेख के साथ संक्षिप्त परिचय और फोटो भी संलग्न करें।