इस विधेयक में सरकार ने इन सभी कारणों को ध्यान में रख कर कठोर प्रावधान किए हैं।
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इतनी बड़ी संख्या में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निस्संदेह हमें सख्त कानूनी प्रावधान करने की जरूरत है। सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में अनाड़ी या नौसिखिए ड्राइवर, लापरवाही या शराब पी कर गाड़ी चलाना, घटिया सड़कें और गाड़ी में खराबी शामिल हैं। इस विधेयक में सरकार ने इन सभी कारणों को ध्यान में रख कर कठोर प्रावधान किए हैं।
क्यों खास है मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक
भारत जैसे देश में जहां लाइसेंस बेहद आसानी से बन जाते हैं और सड़कों पर गलती करने वाले लोगों को जुर्माने का भय भी नहीं रह गया है, हमें न सिर्फ कठोर कानून की जरूरत है बल्कि उसे कठोरता से लागू करना भी उतना ही जरूरी है। मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक में सरकार ने ऐसे ही कड़े प्रावधान किये हैं।
विधेयक में नियमों का उल्लंघन करने पर कठोर सजा के साथ-साथ सड़क के निर्माण और उनके रखरखाव में कमी के चलते होने वाली दुर्घटनाओं के लिए संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ भी ज़ुर्माने का प्रावधान किया गया है. यह पहला अवसर है जबकि सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े ठेकेदारों को भी सड़कों की घटिया क्वालिटी के चलते होने वाली दुर्घटनाओं में दोषी घोषित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।
शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना 2000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए किया गया है।
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नए विधेयक में कहां बढ़ाया गया है जुर्माना?
इस विधेयक में कानून को सशक्त ढंग से लागू करने के लिए भारी जुर्माने की व्यवस्था है। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना 2000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए करने की सिफारिश की गई है, वही अब बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 1,000 रुपये का ज़ुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस ज़ब्त करने का प्रावधान है। बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर 5,000 रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक में एक और महत्वपूर्ण पहलू को भी शामिल किया गया है। हमारे देश में अक्सर भारी- भरकम ट्रैफिक में आपातकालीन वाहनों को भी बमुश्किल रास्ता मिल पाता है जिससे कई बार मरीज़ों को जरूरी मेडिकल सेवाएं समय पर नहीं मिल पातीं। आपातकालीन सेवारत् वाहन को रास्ता नहीं देने पर 10,000 रुपये के ज़ुर्माने का प्रावधान किया गया है।
इस बिल में इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि कोई नाबालिग गाड़ी न चलाए और अगर कोई ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके अभिभावक या गाड़ी के मालिक को दोषी माना जाएगा। इसके लिए 25,000 रुपये के ज़ुर्माने के साथ-साथ 3 साल की जेल की सजा का प्रावधान है। ऐसे में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द करने की व्यवस्था है।
आज के समय की मांग के अनुरूप आए इस बिल को जल्द से जल्द पारित कर लागू किया जाना चाहिए ताकि देश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इस नये कानून में, नियमों के उल्लंघन की स्थिति में भारी जुर्माने और कड़ी सजा के प्रावधान के चलते लोग सड़क कानूनों को गंभीरता से लेने को मजबूर होंगे।
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