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गणना का नया फॉर्मूला: ईएसआईसी में वेतन की परिभाषा बदली, देश के लाखों कर्मचारियों को होगा सीधा फायदा

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 21 Sep 2026 08:29 AM IST

सार

देश के लाखों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। दरअसल ईएसआईसी ने वेतन की गणना की परिभाषा बदली है, जिसका असर से ज्यादा कर्मचारी राज्य बीमा के दायरे में आ सकेंगे। आइए जानते हैं कि अब किस आधार पर होगी वेतन की गणना।
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ईएसआईसी - फोटो : अमर उजाला


50 फीसदी से अधिक भत्ते की रकम तो वेतन में जुड़ेगी

नई गणना का फायदा देश के लाखों कर्मचारियों को मिल सकता है। नई व्यवस्था के प्रभावी होने की स्थिति भी साफ हो गई है। ईएसआईसी के डीजी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि 21 नवंबर 2025 से ही सामाजिक सुरक्षा संहिता की धारा 2(88) के तहत नई वेतन परिभाषा लागू हो गई है। जबकि इसे आठ मई 2026 को गजट जारी होने की तारीख से प्रभावी माना जाएगा। निगम ने इसको लेकर नियोक्ताओं को नई वेतन परिभाषा के आधार पर कर्मचारियों की ईएसआई कवरेज की गणना करने को कहा।


नई परिभाषा से कैसे होगी गणना?

मान लीजिए, किसी कर्मचारी को हर महीने 20 हजार रुपये मिलते हैं। उसमें मूल वेतन 8 हजार रुपये है। इसके अलावा मकान किराया और दूसरे भत्ते 12 हजार रुपये दिए जाते हैं। इस तरह से कुल भुगतान 20 हजार रुपये हो गया। मतलब भत्ते के रूप में वेतन से बाहर भुगतान 12 हजार रुपये हैं। अब 20 हजार रुपये का आधा यानी 10 हजार रुपये है। यानी 10 हजार की सीमा से 2 हजार रुपये ज्यादा। नए वेतन परिभाषा के तहत यही अतिरिक्त 2 हजार रुपये का भत्ता भी वेतन में जोड़ा जाएगा। इस तरह ईएसआई की गणना के लिए वेतन सिर्फ 8 हजार रुपये नहीं माना जाएगा। उसमें अतिरिक्त 2 हजार रुपये जुड़ेंगे और 10 हजार रुपये वेतन माना जाएगा।

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